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सेहतनामा- प्रेग्नेंसी में शुगर बढ़ना बच्चे के लिए खतरनाक
By Lokjeewan Daily - 25-03-2025

क्या आपको पता है कि अगर प्रेग्नेंसी के दौरान आपको डायबिटीज होती है तो आगे चलकर आपके बच्चे को मोटापे का खतरा 52% तक बढ़ जाता है। ये आंकड़ा साइंटिफिक जर्नल पब्लिक लाइब्रेरी ऑफ साइंस (PLOS) में पब्लिश एक स्टडी में सामने आया है। वहीं नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, इन बच्चों को भविष्य में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा 40% तक बढ़ जाता है।

प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली डायबिटीज को जेस्टेशनल डायबिटीज कहते हैं। अगर आप पहले कभी डायबिटिक नहीं थीं और सिर्फ प्रेग्नेंसी के समय ही आपका ब्लड शुगर लेवल बढ़ा तो भी अब आपके बच्चे को इस बीमारी का रिस्क दूसरे बच्चों के मुकाबले कहीं ज्यादा है।

क्या प्रेग्नेंसी के दौरान डायबिटीज होने पर डॉक्टर ने ये बात आपको बताई थी? बहुत संभव है कि उन्होंने कहा होगा कि प्रेग्नेंसी के दौरान ब्लड शुगर लेवल या ब्लड प्रेशर बढ़ना आम है। यह डिलीवरी के बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाता है। उन्होंने ये नहीं बताया होगा कि यह कंडीशन आपके बच्चे को भविष्य में बीमार कर सकती है।नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी दुनिया में 14.7% महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान डायबिटीज यानी जेस्टेशनल डायबिटीज होती है। जबकि भारत में हर साल लगभग 50 लाख महिलाओं को जेस्टेशनल डायबिटीज होती है।

जेस्टेशनल डायबिटीज के कारण मां का ब्लड शुगर लेवल ज्यादा होता है। यह प्लेसेंटा यानी गर्भ में बच्चे को भोजन पहुंचाने वाली नली के जरिए बच्चे तक भी पहुंचता है। इसे प्रोसेस करने के लिए बच्चे का पैंक्रियाज ज्यादा इंसुलिन बनाना शुरू कर देता है। इससे उसका मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है और आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम भी बढ़ जाता है।

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