It is recommended that you update your browser to the latest browser to view this page.

Please update to continue or install another browser.

Update Google Chrome

राजसमंद में तलवारों और सरियों से युवक की हत्या का खुलासा, छह आरोपी गिरफ्तार,लापता युवक की भी हुई थी हत्या
By Lokjeewan Daily - 07-01-2026


- पुलिस ने किया दोनों हत्याओं का खुलासा
- छह हमलावरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
राजसमंद। जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक ही दिन में दो हत्याओं के खुलासे ने जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं के बाद पुलिस का बहुचर्चित स्लोगन "आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय" लोगों को भयभीत करने लगा है। ज़मीनी हकीकत यह है कि अपराधियों के बजाय आम नागरिकों में ही भय का माहौल बनता जा रहा है। मंगलवार को खमनोर थाना क्षेत्र के गांवगुड़ा गांव में दिनदहाड़े दिल दहलाने वाली घटना सामने आई। वायरल हो रहे सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, काली स्कॉर्पियो में सवार छह हमलावरों ने एक युवक पर तलवारों और सरियों से बीच चौराहे पर ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी। इस वारदात से आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई। पुलिस के अनुसार, झालों की मदार निवासी हिम्मत सिंह अपने दोस्त लक्ष्मण सिंह के साथ बोलेरो गाड़ी में सवार होकर चमत्कार चौराहे पर रुके थे। इसी दौरान केलवाड़ा क्षेत्र के पासून गांव निवासी हमीर सिंह, नाथू सिंह, किशन सिंह, कालू सिंह, हिम्मत सिंह और प्रकाश सिंह काली स्कॉर्पियो में वहां पहुंचे और अचानक तलवारों व सरियों से हमला कर दिया। हमले में हिम्मत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि बीच-बचाव करने आए उसके दोस्त लक्ष्मण सिंह को भी गंभीर चोटें आईं। फिल्मी अंदाज में हुई इस वारदात को देख आसपास के लोगों ने हमलावरों पर पत्थर फेंके, लेकिन तब तक हिम्मत सिंह लहूलुहान हो चुका था। घायल हिम्मत सिंह को तत्काल नाथद्वारा चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही खमनोर थाना अधिकारी नरेंद्र सिंह तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारीक मौके पर पहुंचे और लोगों से पूछताछ व सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की धरपकड़ के लिए जिलेभर में नाकेबंदी करवाई। पुलिस ने देर शाम तक कार्रवाई करते हुए हिम्मत सिंह की हत्या के आरोप में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, दिनदहाड़े हुई इस निर्मम हत्या ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दूसरी घटना में लापता युवक की हत्या की खुलासा
30 दिसंबर को लापता हुए धोइंदा निवासी हरीश पालीवाल का शव मंगलवार को उदयपुर जिले के घासा गांव के पास स्थित वाड़ा बावड़ी से बरामद किया गया। शव मिलने के बाद पालीवाल की हत्या की पुष्टि हुई, जिससे जिले में फैले भय और आक्रोश की भावना और गहरा गई। पालीवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने दो संदिग्ध आरोपियों को डिटेन कर गहन पूछताछ शुरू कर दी है, जिसमें मामले के जल्द खुलासे की संभावना जताई जा रही है। देर रात मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे पैसों के लेन-देन का मामला सामने आया है।

गौरतलब है कि हरीश पालीवाल के लापता होने के बाद सर्व समाज ने सोमवार को पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। समाज की ओर से 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए ठोस कार्रवाई की मांग की गई थी। ज्ञापन में आरोप लगाया गया था कि पुलिस ने सात दिनों तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। सोमवार को समाज के प्रतिनिधियों के साथ स्थानीय विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारीक से मुलाकात कर 24 घंटे के भीतर हरीश पालीवाल का पता लगाने की आदेश दिए थे।इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई विशेष टीमों का गठन किया और महज 15 घंटे के भीतर उदयपुर जिले में शव बरामद कर उदयपुर मोर्चरी में रखवाया गया है।

अन्य सम्बंधित खबरे