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सरपंचों के आरोप साबित हुए तो इस्तीफा दे दूंगा : मीणा
By Lokjeewan Daily - 06-08-2022

पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा के इस्तीफे और 33 सूत्रीय मांगों के साथ प्रदेश के सरपंच जयपुर में महापड़ाव डाले बैठे हैं। तीन सौ करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप नाक की लड़ाई बन गया है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। सरपंचों के एक गुट की ओर से ये कहा जा रहा है कि मंत्री रमेश मीणा ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपने क्षेत्र से कुछ सरपंचों को बुलाया है, ताकि महापड़ाव को उसके मकसद से भटका दिया जाए। इस पर मीणा ने जवाब दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अगर वो सरपंचों को बुलाते तो 500-1000 की संख्या में सरपंच जयपुर नहीं पहुंचते। इनकी संख्या 20 हजार से ज्यादा होती। उन्होंने साफ कहा कि पूर्वी राजस्थान के इन 13 जिलों के सरपंचों की मांग भी पूरी तरीके से जायज है और सरपंचों को जितना काम हमने राजस्थान में विकास के कार्य के लिए दिया है उस काम में सभी जिलों में समानता आनी चाहिए।

मीणा बजट के वितरण को लेकर भी सवालों के घेरे में हैं। सरपंच भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई जिले ऐसे हैं जहां 300 से 500 करोड़ तक के काम हो रहे हैं। जयपुर जैसे जिले में 8 से 10 करोड़ का काम मिल रहा है तो किसी जिले को 5 करोड़ किसी को 10 करोड़। किसी को 20 या 25 करोड़ का काम मिल रहा है, जरूरत के मुताबिक राशि का वितरण हो रहा है। मीणा ने कहा की पूरे राजस्थान के सरपंचों का कहना है कि हमने कांग्रेस को वोट दिया और विधायक भी हमारे ज्यादा जीत कर आए। मेरे प्रति उनका समर्थन है। हमें अनियमितता की शिकायत भी जिन जिलों में भ्रष्टाचार हो रहा है वहां के लोगों से ही मिली थी और जब हमने इन शिकायतों को वेरीफाई करवाया, धरातल पर गए तो शिकायतों को सही पाया।

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