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जयपुर। अब आप अपने घर में उपयोग में लाये जा रहे घी-दूध की निःशुल्क जांच करा सकते हैं। घी-दूध खुला हो या पैक्ड और चाहे किसी भी ब्राण्ड का हो आपको बस 50 एमएल कच्चे दूध या घी का सैम्पल अपने नजदीकी जिला दुग्ध संघ की लेबोरेट्री में लेकर जाना है जहा अत्याधुनिक मशीनों से निःशुल्क जांच कर आपको घर बैठे जांच परिणाम से अवगत कराया जावेगा।
खाद्य पदार्थों और दूध एवं दूध से बने उत्पादों में मिलावट को जड़ से समाप्त करने और आमजन को शुद्व एवं पौष्टिक दूध एवं दूध से बने उत्पाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रतिबद्वता के चलते राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन ने पहली बार एक साथ राज्यभर की सभी सरस डेयरियों में घी-दूध की निःशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध कराये जाने का निर्णय लिया है। इससे एक ओर जहा आम उपभोक्ताओं को दूध और दूध बने उत्पादों की गुणवत्ता और स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता पैदा होगी वहीं दूसरी ओर मिलावट पर भी प्रभावी रोक लगेगी।
राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन की प्रशासक और प्रबन्ध संचालक श्रुति भारद्वाज ने बताया कि आम उपभोक्ता अब राज्यभर की सरस डेयरियों में उनके द्वारा उपयोग में लाये जा रहे घी-दूध अथवा दूध से बने अन्य उत्पादों के सैम्पल जांच हेतु किसी भी कार्यदिवस में कार्यालय समय में जमा करा सकते हैं। सम्बद्व जिला दुग्ध संघ की गुणवत्ता नियन्त्रण प्रयोगशाला द्वारा विभिन्न मानकों पर सैम्पल्स की जांच की जायेगी और निर्धारित समयावधि में उपभोक्ताओं को जांच परिणाम से अवगत करायेंगे। जांच प्रकिया के दौरान घी-दूध में उपलब्ध पौषक तत्वों और मिलावटी तत्वों की जाचं की जावेगी। इस प्रकार उपभोक्ता उनके घी-दूध एवं दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता की निःशुल्क जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिला दुग्ध संघों द्वारा अत्याधुनिक जीसी और एफटीआईआर बेस्ड मशीनों का उपयोग किया जावेगा जो कि घी-दूध में 35 तरह की मिलावट का पता लगा सकती हैं। जयपुर, अजमेर और भीलवाड़ा जैसी बड़ी डेयरियों में घी की जांच जीसी (गैस क्रोमेटोग्राफी) इंस्ट्रूमेंट पर की जायेगी। वहीं दूसरी डेयरियों में कैमिकल टैस्ट के आधार पर घी की जांच होगी। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता आरसीडीएफ से सम्बद्व 24 जिला दुग्ध संघों की गुणवत्ता नियन्त्रण प्रयोगशाला और जयपुर के जवाहर लाल नेहरु मार्ग स्थित सरस की केन्द्रीय गुण नियन्त्रण प्रयोगशाला में घी-दूध की जाचं हेतु किसी भी कार्यदिवस में प्रातः 9.30 बजे से 6.00 बजे तक सम्पर्क कर सकते हैं।
श्रुति भारद्वाज ने बताया कि राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन एवं इससे सम्बद्व जिला दुग्ध संघ आम उपभोक्ताओं को शुद्व, पौष्टिक एवं उच्च गुणवत्तायुक्त दूध एवं दूध से बने उत्पाद उपलब्ध कराने के लिये प्रतिबद्व है। आरसीडीएफ द्वारा हाल ही में चलाये गये सरस अमृतम अभियान और दूध का दूध पानी का पानी अभियान को आशातीत सफलता मिली है। सरस अमृतम अभियान के अन्तर्गत राज्यभर में कुल 4491 औचक निरीक्षण किये गये और इस दौरान कुल 7943 सैम्पल्स लिये गये। इसी प्रकार 10 जनवरी से 30 जनवरी तक चले दूध का दूध पानी का पानी अभियान के अन्तर्गत 10 हजार से अधिक सैम्पल्स लिये गये। अभियान में खुले दूध अथवा अन्य ब्राण्डस के 48 प्रतिशत के लगभग सैम्पल्स सब स्टेण्डर्ड पाये गये परन्तु सरस डेयरी के 100 प्रतिशत सैम्पल्स निर्धारित मानकों पर खरे उतरे। सब स्टेण्डर्ड दूध के सैम्पल्स की जांच रिपोर्ट भेजकर खाद्य सुरक्षा विभाग को दूध और दूध से बने उत्पादों में मिलावट को रोकने के लिये विभाग के स्तर पर प्रभावी कार्यवाही करने का आग्रह किया है।
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