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विधानसभा में राजस्व मंत्री : हां या ना में नहीं दे पाए जवाब
By Lokjeewan Daily - 04-02-2026

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब राजस्व मंत्री हेमंत मीणा एक सीधे सवाल का स्पष्ट जवाब देने में विफल रहे। कांग्रेस विधायक पीतराम सिंह काला द्वारा पूछे गए सवाल पर मंत्री के उलझने के बाद विपक्ष ने सदन में जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। 

 क्या था मुख्य मुद्दा? कांग्रेस विधायक पीतराम सिंह काला ने राजस्व मंत्री से सवाल किया था कि:
"क्या सरकार प्रचलित आम रास्तों को राजस्व रिकॉर्ड में 'कटानी रास्ते' के रूप में दर्ज करने का विचार रखती है या नहीं?"
सदन में हुआ तीखा घटनाक्रम
नियमों में उलझे मंत्री: राजस्व मंत्री हेमंत मीणा सवाल का सीधा जवाब देने के बजाय समय-समय पर जारी सर्कुलर और उपनिवेशन नियमों का हवाला देने लगे।
स्पीकर का हस्तक्षेप: जब मंत्री गोल-मोल जवाब देते रहे, तो स्पीकर वासुदेव देवनानी ने बीच-बचाव करते हुए कहा, "आप केवल 'हां' या 'ना' में जवाब दे दीजिए।" इस पर मंत्री ने कहा कि मामला तकनीकी है और वे विस्तार से समझाना चाहते हैं।
विपक्ष का हमला: नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तंज कसते हुए कहा कि मंत्री इतना भी नहीं बता पा रहे हैं कि रिकॉर्ड दर्ज होगा या नहीं।
स्पीकर की टिप्पणी: हंगामे के बीच स्पीकर देवनानी ने अंततः स्पष्ट शब्दों में कहा, "मंत्री के पास फिलहाल जवाब है ही नहीं।" उन्होंने आश्वासन दिया कि इस पर आगे फिर से विस्तृत जवाब दिलवाया जाएगा, तब जाकर हंगामा शांत हुआ।
तहसीलदार के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की तैयारी
सदन में एक अन्य मुद्दा भी गरमाया रहा। दौसा से कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा के साथ स्थानीय तहसीलदार द्वारा किए गए कथित अभद्र व्यवहार को लेकर कांग्रेस आक्रामक है। पार्टी इस मामले में तहसीलदार के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (Privilege Motion) लाने पर विचार कर रही है।

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