It is recommended that you update your browser to the latest browser to view this page.

Please update to continue or install another browser.

Update Google Chrome

जमीन, समुद्र और हवा ही नहीं स्पेस, साइबर व आर्थिक डोमेन भी मजबूत करना हैः राजनाथ सिंह
By Lokjeewan Daily - 03-04-2026

दिल्ली । आज जब हम डिफेंस सेक्टर की बात करते हैं तो यह साफ दिखाई देता है कि आत्मनिर्भरता के अलावा हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। यह बात शुक्रवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमें अपनी सुरक्षा को केवल जमीन, समुद्र और हवा तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि स्पेस, साइबर स्पेस और आर्थिक डोमेन तक भी मजबूत करना है। इसी सोच के साथ, कई बड़े नीतिगत निर्णय लिए गए हैं, जिनका असर आज धरातल पर दिख रहा है। विशाखापत्तनम में मौजूद रहे रक्षामंत्री का कहना था कि पर्शियन गल्फ हो या मलक्का स्ट्रेट हमारी नौसेना लगातार हिंद महासागर में अपनी मौजूदगी बनाए रखती है। जब भी कोई संकट आता है, चाहे बचाव ऑपरेशन हों या मानवीय सहायता प्रदान करना हो, हमारी नौसेना हमेशा सबसे आगे रहती है। रक्षामंत्री ने स्पष्ट किया है कि हमें केवल अपने तटों की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि उन महत्वपूर्ण समुद्री लेन, चोक प्वाइंट्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की भी सुरक्षा सुनिश्चित करनी है, जो हमारे राष्ट्रीय हितों से जुड़े हैं।
उन्होंने कहा कि कि भारतीय नौसेना इन सब सुरक्षा कार्यों में प्रो-एक्टिव तरीके से कार्य कर रही है। रक्षामंत्री ने बताया कि जब भी तनाव की स्थिति बनी है तब भारतीय नौसेना ने हमारे व्यावसायिक समुद्री जहाजों और तेल टैंकर्स की सुरक्षा सुनिश्चित की है। नौसेना ने यह साबित किया है कि वह न केवल भारत के हितों की रक्षा करने में सक्षम है, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर दुनिया भर में, अपने नागरिकों और व्यापारिक मार्गों को सुरक्षित रखने के लिए, हर कदम उठा सकती है। यह क्षमता ही भारत को एक जिम्मेदार समुद्री शक्ति बनाती है।
रक्षामंत्री ने भारत की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने डिफेंस पीएसयू के योगदान को काफी सकारात्मक बताया है। उन्होंने कहा कि हमारे पास 16 डिफेंस पीएसयू हैं, जो रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के केंद्र हैं। आज के इस टेक्नोलॉजिकल युग में तो डिफेंस पीएसयू अच्छा कर ही रहे हैं, लेकिन जब एक राष्ट्र के रूप में, हम कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे थे, तब भी हमारे डिफेंस पीएसयू ने, आगे बढ़कर नेतृत्व किया था।
राजनाथ ने कहा कि पिछले एक दशक में देश ने एक बड़ा बदलाव महसूस किया है। सरकार ने युवाओं और उद्योगों के लिए ऐसा इकोसिस्टम तैयार करने की कोशिश की है, जहां नवाचार, निर्माण और निर्यात को लगातार बढ़ावा मिले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को एक राष्ट्रीय मिशन के रूप में आगे बढ़ाया गया है।

अन्य सम्बंधित खबरे