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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का राजनीतिक दलों अभियान को अंतिम दौर
By Lokjeewan Daily - 27-04-2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के प्रचार का शोर थमने से पहले राजनीतिक दलों ने अपने अभियान को अंतिम दौर में पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ाया। चुनाव प्रचार थमने से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, वामपंथी दलों और कांग्रेस के नेताओं ने जनसभाओं, रोड शो और जमीनी संपर्क के जरिए मतदाताओं को साधने की पूरी कोशिश की। हम आपको बता दें कि दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को 142 सीटों पर होना है।

भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने आक्रामक प्रचार अभियान चलाया। प्रधानमंत्री ने हुगली के आरामबाग और उत्तर 24 परगना के बांगांव में जनसभाओं को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार, कुप्रशासन और सिंडिकेट व्यवस्था को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं की स्थिति खराब हुई है और संदेशखाली जैसी घटनाएं इसका उदाहरण हैं। प्रधानमंत्री ने किसानों के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया और कहा कि केंद्र सरकार ने जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य को दोगुना किया है, खरीद बढ़ाई है और जूट उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए नीतियां बनाई हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक दिन पहले कोलकाता में रोड शो भी किया, जिसमें बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए। इसके अलावा उन्होंने ठाकुरनगर स्थित मतुआ समुदाय के प्रमुख मंदिर और कोलकाता के ऐतिहासिक ठनठनिया काली मंदिर में पूजा अर्चना कर इस समुदाय तक पहुंचने का प्रयास किया। मतुआ समुदाय को राज्य की कई सीटों पर प्रभावशाली माना जाता है, इसलिए इसे साधना भाजपा की रणनीति का अहम हिस्सा रहा।

 

दूसरी ओर अमित शाह ने रैलियां और रोड शो करते हुए कई लोकलुभावन वादे किए। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सत्ता में आती है तो महिलाओं और बेरोजगार युवाओं को प्रति माह तीन हजार रुपये की सहायता दी जाएगी तथा गर्भवती महिलाओं को 21 हजार रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने सिंडिकेट राज और गुंडा राज समाप्त करने, घुसपैठ पर रोक लगाने और अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने का वादा किया। शाह ने यह भी दावा किया कि पहले चरण में ही भाजपा को भारी बढ़त मिल चुकी है।

वहीं तृणमूल कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जमीनी स्तर पर संपर्क को प्राथमिकता दी। उन्होंने कोलकाता के बाजारों में जाकर सब्जी विक्रेताओं और आम लोगों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने महंगाई और रोजमर्रा की समस्याओं को चुनावी मुद्दा बनाया तथा राज्य सरकार की योजनाओं, खासकर लक्ष्मी भंडार योजना के जरिए महिलाओं को समर्थन जारी रखने का भरोसा दिया। ममता बनर्जी ने खुद को जनता के करीब दिखाने की कोशिश की और भाजपा पर दिखावटी राजनीति करने का आरोप लगाया।

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