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भीषण गर्मी पर भारी पड़ा अकीदत का जज्बा, 28 को अदब व एहतराम से मनाई जाएगी ईद-उल-अजहा
By Lokjeewan Daily - 26-05-2026

भीलवाड़ा लोकजीवन ।सूर्यदेव के तीखे तेवरों और रिकॉर्डतोड़ पारे के बीच भी अकीदतमंदों के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आ रही है। त्याग, समर्पण और अटूट आस्था का प्रतीक माना जाने वाला पवित्र त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) इस वर्ष गुरुवार को पूरे अदब, एहतराम और मजहबी रस्मों के साथ मनाया जाएगा। इसके लिए वस्त्रनगरी भीलवाड़ा सहित पूरे प्रदेश की ईदगाहों और मस्जिदों में तैयारियां अंतिम चरण में हैं।  भीषण गर्मी और तेज धूप से बचाव के लिए इस बार मस्जिदों व ईदगाहों में सुबह के समय विशेष नमाज जल्दी अदा की जाएगी। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नमाजियों से पर्याप्त पानी साथ रखने, सिर ढककर बाहर निकलने और धूप से बचने के उपाय अपनाने की अपील की है। बाजारों में कपड़ों, सेवइयों और अन्य जरूरी सामानों की खरीदारी तेज हो गई है। शरिया के नियमों के तहत नमाज के बाद बकरे या अन्य हलाल जानवरों की कुर्बानी दी जाएगी। इसके गोश्त को बराबर तीन हिस्सों में बांटने का नियम है—पहला हिस्सा गरीबों व जरूरतमंदों के लिए, दूसरा रिश्तेदारों व दोस्तों के लिए, और तीसरा स्वयं के परिवार के लिए। इस दिन केवल गोश्त ही नहीं, बल्कि 'जकात' (दान) के जरिए समाज के पिछड़े वर्ग की मदद करना अनिवार्य माना गया है। बकरीद केवल एक त्योहार नहीं बल्कि त्याग, इंसानियत, भाईचारे और अंतर्मन के समर्पण का जीवंत संदेश है। शाम को घरों में लजीज पकवानों के दौर के साथ लोग एक-दूसरे के गले मिलकर गिले-शिकवे भुलाएंगे, जो सामाजिक समरसता को और मजबूत करेगा।

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