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मोतीडूंगरी गणेश जी का 348 किलो पंचामृत से होगा अभिषेक
By Lokjeewan Daily - 07-09-2026

जयपुर के मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी उत्सव 9 दिन चलेंगे। इसकी शुरुआत 7 सितंबर से होगी। नौ दिन चलने वाले उत्सव में भगवान गणेशजी के दरबार का रोज अलग स्वरूप नजर आएगा। 14 सितंबर को भगवान गजानन का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। वहीं 15 सितंबर को गणेशजी नगर भ्रमण पर निकलेंगे।

उत्सव में भव्य झांकियाें के साथ संगीत, कथक, ध्रुपद कार्यक्रम भी होंगे।

मंदिर के महंत कैलाश शर्मा ने बताया- 7 सितंबर को कलश यात्रा और जलाभिषेक के साथ उत्सव की शुरुआत होगी। 8 सितंबर को पुष्य नक्षत्र पर 348 किलो पंचामृत से गणेशजी का अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद मोदक, फल, सब्जी, फूल और मेहंदी की रोज अलग-अलग विशेष झांकियां सजेंगी।

14 सितंबर को चांदी के सिंहासन पर विराजित गणेशजी महाराज स्वर्ण मुकुट और नौलखा हार के विशेष श्रृंगार में भक्तों को दर्शन देंगे।

7 सितंबर को कलश यात्रा से शुरुआत

उत्सव का शुभारंभ 7 सितंबर को सुबह 9 बजे कलश यात्रा और जलाभिषेक के साथ होगा। मंदिर में भगवान गणेशजी के लिए रोज अलग-अलग भोग और झांकी सजाई जाएगी। भक्तों को इस दौरान अलग-अलग स्वरूपों में गणेशजी के दर्शन होंगे।

8 सितंबर को 348 किलो पंचामृत से होगा अभिषेक

मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में 8 सितंबर को पुष्य नक्षत्र पर भगवान गणेशजी का 348 किलो पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। इसमें 251 किलो दूध, 50 किलो दही, 25 किलो बूरा, 11 किलो शहद और 11 किलो घी शामिल होगा। इसी दिन केले की विशेष झांकी और भगवान के छप्पन भोग की झांकी सजाई जाएगी। शाम 6 बजे ध्रुपद गायन की प्रस्तुति होगी।

9 सितंबर को हजारों मोदकों की सजेगी झांकी

9 सितंबर को मंदिर में मोदकों की झांकी सजाई जाएगी। इसमें 251-251 किलो के दो विशाल मोदक, 51-51 किलो के पांच और 21-21 किलो के 21 मोदक शामिल होंगे। इसके अलावा 1.25 किलो के 1100 मोदक और हजारों छोटे मोदक भी सजाए जाएंगे। इन्हें बनाने में करीब 3 हजार किलो घी, 3 हजार किलो बेसन, 9 हजार किलो शक्कर और 1000 किलो सूखे मेवों का इस्तेमाल होगा।

भक्त सुबह 5 बजे से मोदक झांकी के दर्शन कर सकेंगे। इस दिन मंदिर में बाहर से लाया गया प्रसाद नहीं चढ़ाया जाएगा। भगवान को 21, 108 और 1008 मोदक अर्पित किए जाएंगे। शाम 6 बजे सुगम संगीत और कथक की प्रस्तुति होगी, जबकि शाम 7 बजे निशुल्क प्रसाद वितरण किया जाएगा।

10 से 12 सितंबर तक फल, सब्जी और फूलों की झांकी

मंदिर में 10 सितंबर को फलों, 11 सितंबर को सब्जियों और 12 सितंबर को फूलों की विशेष झांकी सजाई जाएगी। इन झांकियों के जरिए प्रकृति और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। तीनों दिन शाम 6 बजे कथक की प्रस्तुति होगी। वहीं 8 से 12 सितंबर तक ध्रुपद, सुगम संगीत और कथक कलाकार गणेशजी को अपनी कला समर्पित करेंगे।

13 सितंबर को 3500 किलो मेहंदी से होगा सिंजारा

13 सितंबर को मोतीडूंगरी गणेशजी का मेहंदी पूजन और सिंजारा होगा। सोजत की करीब 3500 किलो मेहंदी गणेशजी को धारण कराई जाएगी। पूजा के बाद रात 7:30 बजे पांच स्थानों से मेहंदी प्रसाद बांटी जाएगी। महिलाओं और कन्याओं के लिए मेहंदी की अलग व्यवस्था की जाएगी।

इसी दिन गणेशजी का साल में केवल गणेश चतुर्थी पर धारण कराया जाने वाला स्वर्ण मुकुट पहनाया जाएगा। चांदी के सिंहासन पर विराजित गणेशजी विशेष पोशाक और नौलखा हार में नजर आएंगे। मोती, सोना, पन्ना और माणक से सजे इस हार को महंत परिवार ने करीब तीन महीने में तैयार कराया है।

14 सितंबर को जन्मोत्सव, 19 घंटे होंगे दर्शन

गणेश चतुर्थी के दिन 14 सितंबर को भगवान गजानन का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन सुबह 5 बजे मंगला आरती से रात 11:40 बजे शयन आरती तक दर्शन होंगे। विशेष पूजन सुबह 11:20 बजे, श्रृंगार आरती 11:30 बजे, भोग आरती दोपहर 2:15 बजे और संध्या आरती शाम 7 बजे होगी। भोग के दौरान दोपहर 1:30 से 2 बजे तक मंदिर के पट मंगल रहेंगे।

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