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देश की प्रमुख ईवी स्कूटर निर्माता कंपनी एथर एनर्जी ने अपने लोकप्रिय ईवी स्कूटर रिज्टा और 450 श्रृंखला की बैटरी तकनीक में अहम बदलाव किए हैं। कंपनी ने बैटरी की क्षमता में हल्का संशोधन करने के साथ-साथ रिज्टा के कुछ मॉडल में नई बैटरी रसायन तकनीक भी शामिल की है। खास बात यह है कि इन बदलावों के बावजूद स्कूटरों की रेंज, प्रदर्शन, वारंटी और कीमतों में कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
कंपनी ने रिज्टा के बैटरी पैक की क्षमता में परिवर्तन किया है। पहले यह ईवी स्कूटर 2.9 किलोवाट-घंटा और 3.7 किलोवाट-घंटा क्षमता वाले बैटरी पैक के साथ उपलब्ध था। अब इन्हें क्रमशः 2.7 किलोवाट-घंटा और 3.5 किलोवाट-घंटा कर दिया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि छोटी बैटरी वाले मॉडल की प्रमाणित रेंज 123 किलोमीटर पहले की तरह बरकरार रखी गई है। वहीं बड़ी बैटरी वाले मॉडल की प्रमाणित रेंज 159 किलोमीटर से बढ़कर 161 किलोमीटर हो गई है। यानी बैटरी की क्षमता कम होने के बावजूद वाहन पहले जितनी या उससे अधिक दूरी तय करने में सक्षम होगा।
एथर एनर्जी ने रिज्टा के छोटे बैटरी संस्करणों में अब नई प्रकार की बैटरी रसायन तकनीक का उपयोग भी शुरू कर दिया है। पहले इस मॉडल में केवल निकल-मैंगनीज-कोबाल्ट आधारित बैटरी का उपयोग होता था, जबकि अब कुछ संस्करणों में लिथियम-फेरस-फॉस्फेट आधारित बैटरी भी दी जाएगी।
आमतौर पर लिथियम-फेरस-फॉस्फेट बैटरी की ऊर्जा घनत्व निकल-मैंगनीज-कोबाल्ट बैटरी की तुलना में कम मानी जाती है, लेकिन एथर का दावा है कि नई तकनीक के साथ भी वाहन की रेंज में कोई कमी नहीं आएगी। इससे स्पष्ट होता है कि कंपनी ने बैटरी प्रबंधन प्रणाली और ऊर्जा दक्षता में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि रिज्टा में दोनों प्रकार की बैटरियों का उपयोग जारी रहेगा। किसी ग्राहक को यह विकल्प नहीं मिलेगा कि वह कौन-सी बैटरी वाला मॉडल खरीदना चाहता है। वाहन में कौन-सी बैटरी दी जाएगी, इसका निर्णय उपलब्धता और आपूर्ति के आधार पर कंपनी करेगी।
एथर की 450 श्रृंखला में भी बैटरी क्षमता में बदलाव किया गया है। पहले बड़े संस्करण में 3.7 किलोवाट-घंटा क्षमता की बैटरी मिलती थी, जिसे अब 3.5 किलोवाट-घंटा कर दिया गया है। इसके बावजूद इस मॉडल की प्रमाणित रेंज 161 किलोमीटर ही बनी रहेगी।
वहीं छोटे बैटरी संस्करण में पहले की तरह 2.9 किलोवाट-घंटा क्षमता बरकरार रखी गई है। इसकी प्रमाणित रेंज भी बिना किसी बदलाव के यथावत रहेगी।
कंपनी का कहना है कि 450 श्रृंखला में अधिक शक्तिशाली मोटर होने के कारण इसमें अभी भी केवल निकल-मैंगनीज-कोबाल्ट आधारित बैटरी का ही उपयोग किया जाएगा, क्योंकि यह बेहतर प्रदर्शन देने में अधिक सक्षम है।
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