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न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद के तहत नौ नए उत्पाद; दो साल में 100 करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य
जिम्मेदार सोर्सिंग और स्थानीय किसानों के सहयोग से लेकर तमिलनाडु स्थित फैक्ट्री में उत्पादन तक, 'मेक इन इंडिया' को आगे बढ़ाती पहल
आयुर्वेद के 5,000 साल पुराने ज्ञान और न्यूट्रिलाइट के 90 साल पुराने बॉटनिकल साइंस का मेल
जयपुर, सितम्बर 2026: भारत की राष्ट्र-निर्माण की प्राथमिकताओं और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य से जुड़ते हुए, हेल्थ और वेलनेस कंपनी एम्वे इंडिया ने आज न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद के साथ आयुर्वेद में एक अहम रणनीतिक कदम की घोषणा की। यह कदम ऐसे समय आया है जब उपभोक्ता पेड़-पौधों पर आधारित उत्पादों की ओर बढ़ रहे हैं, बीमारी से पहले बचाव को अहमियत दे रहे हैं, और सरकार आयुष को लगातार मजबूत कर रही है। कंपनी ने इस श्रेणी में नौ नए आयुर्वेदिक उत्पाद उतारे हैं और अगले दो साल में इसे 100 करोड़ रुपये का कारोबार बनाने का लक्ष्य रखा है। इनमें इस्तेमाल होने वाली जड़ी-बूटियां ऑर्गेनिक खेती करने वाले न्यूट्रीसर्ट प्रमाणित खेतों से जिम्मेदारी के साथ ली जाती हैं और उत्पाद तमिलनाडु स्थित एम्वे की अत्याधुनिक फैक्ट्री में तैयार होते हैं।
यह कदम एम्वे इंडिया के उत्पादों की श्रृंखला बढ़ाने भर का नहीं है। यह भारत में आयुर्वेद से जुड़ी पूरी आर्थिक श्रृंखला को मजबूत करने का मौका है, जिसमें जड़ी-बूटियों की जिम्मेदार खरीद, स्थानीय खेती, मैन्युफैक्चरिंग, वैज्ञानिक शोध, इनोवेशन और रोजगार शामिल हैं। न्यूट्रिलाइट के 90 साल से अधिक के बॉटनिकल साइंस के अनुभव और भारत में एक दशक की विनिर्माण क्षमता के साथ कंपनी आयुर्वेद के सदियों पुराने ज्ञान को आधुनिक विज्ञान की कसौटी पर परख रही है। वेलनेस की यह सोच भारत में, भारत के लिए तैयार हुई है और इसमें देश की पारंपरिक वेलनेस परंपरा को दुनिया तक ले जाने की क्षमता है।
इस लॉन्च के मौके पर एम्वे इंडिया के प्रबंध निदेशक श्री रजनीश चोपड़ा ने कहा, "भारत में पारंपरिक स्वास्थ्य और वेलनेस का पूरा परिदृश्य बदल रहा है। सरकार का जोर आयुष को मजबूत करने और आयुर्वेद को देश की स्वास्थ्य व्यवस्था का अहम हिस्सा बनाने पर है। इससे देश के भीतर आयुर्वेद को मजबूत आधार मिला है और दुनिया में इसकी पहचान भी बढ़ी है। जैसे-जैसे भारत आयुर्वेद से जुड़े इनोवेशन और विनिर्माण में अपनी क्षमता बढ़ाएगा, यह बढ़ता इकोसिस्टम नए आर्थिक अवसर पैदा कर सकता है, भारत की क्षमताओं को मजबूत कर सकता है और पारंपरिक वेलनेस के वैश्विक केंद्र के रूप में देश को उभरने में मदद कर सकता है। यह दिशा एम्वे इंडिया के विकास के अगले चरण और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य, दोनों से मेल खाती है। आयुर्वेद की अपार क्षमता पर भरोसा जताते हुए हमने अगले दो साल में न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद को 100 करोड़ रुपये का कारोबार बनाने का लक्ष्य रखा है। पोषण की गहरी विशेषज्ञता, न्यूट्रिलाइट के 90 साल से अधिक के बॉटनिकल साइंस और वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ एम्वे इंडिया आयुर्वेद के लिए भारत के रणनीतिक रोडमैप में योगदान देने की खास स्थिति में है।"
उन्होंने आगे कहा, "आयुर्वेद अब लोगों की रोजमर्रा की सेहत का हिस्सा बन रहा है। लेकिन उपभोक्ता उसमें भी वही पारदर्शिता, वही एकसमान गुणवत्ता और वही वैज्ञानिक प्रमाण चाहते हैं, जिसकी उम्मीद वे आधुनिक वेलनेस उत्पादों से करते हैं। न्यूट्रिलाइट में हमारा मानना है कि भरोसा ही हर पेशकश की बुनियाद है। न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद के लिए 'हर जड़ी-बूटी की अपनी कहानी है और हम उसकी सच्चाई सुनिश्चित करते हैं', यह सिर्फ एक वादा नहीं है। यह उपभोक्ता तक पहुंचने वाली हर जड़ी-बूटी की गुणवत्ता और ट्रेसेबिलिटी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है, ताकि लोग पूरे भरोसे के साथ आयुर्वेद अपना सकें।"
पहले चरण में तीन आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन बाजार में आ रहे हैं। कालमेघ लिवर के बेहतर कामकाज में मदद करता है। शिग्रु (मोरिंगा) शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा होने और सूजन को कम करने में मदद करता है। वृक्षाम्ल (गार्सिनिया) मेटाबॉलिज्म बेहतर बनाने और पेट भरे रहने का अहसास बनाए रखने में मदद करता है।
उपभोक्ता अब इलाज से ज्यादा बचाव पर ध्यान दे रहे हैं। वे यह भी जानना चाहते हैं कि उत्पाद में इस्तेमाल हुई सामग्री कहां से आई है, कितनी असरदार है और कितनी प्रामाणिक। इस पूरी श्रृंखला के केंद्र में न्यूट्रिलाइट है, जो पिछले 90 साल से अधिक समय से प्रकृति और विज्ञान का बेहतरीन मेल लाता आया है। न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद में यही विरासत आयुर्वेद के परखे हुए ज्ञान से मिलती है और इस श्रेणी की उस बड़ी कमी को पूरा करती है, जो भरोसे, पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर है।
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