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अपराधियों पर बाज की नजर, भीलवाड़ा की सुरक्षा अभेद्य करने उतरीं 3 विशेष हॉक गाडिय़ां
By Lokjeewan Daily - 16-06-2026

लोकेश सोनी रिपोर्टर 📱 9462240896

 भीलवाड़ा लोकजीवन। शहर की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा अपराधियों पर प्रभावी लगाम कसने के लिए भीलवाड़ा पुलिस ने एक बड़ी और महत्वपूर्ण सुरक्षा पहल की है। जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा ने पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान इस नई कार्ययोजना का औपचारिक ऐलान किया। एसपी राणा ने बताया कि शहर में त्वरित पुलिस कार्रवाई और सघन गश्त के लिए तीन नई विशेष गश्ती गाडिय़ां तैनात की गई हैं, जिन्हें हॉक-1, हॉक-2 और हॉक-3 नाम दिया गया है। यह विशेष सुरक्षा दस्ता रोजाना शाम 5 बजे से लेकर मध्यरात्रि 12 बजे तक शहर के विभिन्न संवेदनशील और व्यस्त इलाकों में मुस्तैदी से गश्त करेगा। चूंकि शाम और रात का यह समय बाजारों में भारी भीड़भाड़ का होता है, इसलिए इस दौरान महिलाओं, व्यापारियों और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
एडिशनल एसपी के कमान, 6 थानों में रूट चार्ट तैयार
गश्त व्यवस्था में किसी भी प्रकार की शिथिलता न रहे, इसके लिए इन हॉक गाडय़िों का सीधा नियंत्रण और कमान एडिशनल एसपी हेडक्वार्टर के पास रहेगी। शहर के सभी 6 थाना क्षेत्रों को पूरी तरह कवर करने के लिए इन गाडय़िों का एक निश्चित रूट चार्ट तैयार किया गया है, ताकि शहर का कोई भी कोना अछूता न रहे। प्रत्येक गाड़ी में एक एएसआई   या सब-इंस्पेक्टर स्तर के ड्यूटी ऑफिसर के साथ 4 जवानों का विशेष जाब्ता हमेशा तैनात रहेगा। अप्रिय स्थितियों से निपटने के लिए इन जवानों को विशेष ट्रेनिंग दी गई है।
क्यों गेम-चेंजर साबित होंगी हॉक गाडिय़ां
एसपी सागर राणा ने हॉक गाडय़िों के महत्व को स्पष्ट करते हुए बताया कि अमूमन थानों की गाडय़िां मामलों की जांच, अदालती काम या वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त रहती हैं, जिससे किसी आपातकालीन घटना के समय मौके पर पहुंचने में देरी हो जाती है। इस बड़ी कमी को दूर करने के लिए हॉक गाडय़िां भीलवाड़ा पुलिस के लिए गेम-चेंजर साबित होंगी:
फास्ट रिएक्शन टाइम, त्वरित प्रतिक्रिया
 इन गाडिय़ों का एकमात्र उद्देश्य सूचना मिलते ही बिना एक पल गंवाए एक्शन में आना है। शहर में कहीं भी वारदात होने पर यह जाब्ता चंद मिनटों में मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालेगा और संबंधित थानों को तुरंत बैकअप प्रदान करेगा।
शाम के समय बाजारों और संवेदनशील इलाकों में इन गाडय़िों की लगातार मौजूदगी से जहां अपराधियों और मनचलों के हौसले पस्त होंगे, वहीं महिलाओं और आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव मजबूत होगा।
आधुनिक सुविधाओं और उपकरणों से लैस है हॉक दस्ता
शहर को सुरक्षित रखने के लिए इन गाडिय़ों को किसी हाई-टेक सुरक्षा कवच की तरह तैयार किया गया है। इनमें  लाइव जीपीएस सिस्टम लगा है, जिससे कंट्रोल रूम को इनकी सटीक लोकेशन पता रहेगी और जरूरत पडऩे पर सबसे नजदीकी हॉक गाड़ी को तुरंत घटना स्थल पर भेजा जा सकेगा। पल-पल की जानकारी सीधे कंट्रोल रूम और उच्चाधिकारियों से साझा करने के लिए हाई-टेक वायरलेस सेट मौजूद हैं। लाउडस्पीकर और माइक की सुविधा है, जिससे चलती गाड़ी से ही भीड़ को नियंत्रित करने, चेतावनी देने या कोई जरूरी निर्देश देने का काम आसानी से किया जा सकेगा। रात के समय अपराधियों को पकडऩे के लिए गाडय़िों में हाई-पावर रीचार्जेबल टॉर्च दी गई हैं, जिससे तंग और अंधेरी गलियों में भी सर्च ऑपरेशन चलाया जा सकेगा। किसी भी अप्रिय स्थिति या कानून-व्यवस्था बिगडऩे पर निपटने के लिए हर गाड़ी में लाठी, ढाल (शील्ड) और आवश्यक सुरक्षात्मक उपकरण हमेशा तैयार रहेंगे।

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