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Update Google Chromeब्रेकिंग न्यूज़
- आकाश नामक युवक को किया गिरफ्तार
- वीपीएन से चला रहा था प्रॉक्सी टेलीग्राम
भीलवाड़ा लोकजीवन । प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को असली पेपर उपलब्ध कराने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक 19 वर्षीय छात्र को भीलवाड़ा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी टेलीग्राम पर पेपर माफिया नाम से चैनल संचालित कर री-नीट परीक्षा का कथित पेपर बेच रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से मोबाइल फोन, नीट की पुस्तक एवं अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। मामले में बैंक खातों के लेन-देन, नेटवर्क और ठगी के शिकार अभ्यर्थियों की जांच की जा रही है। प्रताप नगर थाना प्रभारी सुनील ताड़ा ने बताया कि भारत सरकार के एस-मेक पोर्टल के माध्यम से एसपी कार्यालय की विशेष शाखा को सोशल मीडिया पर पेपर लीक के नाम पर संचालित संदिग्ध गतिविधियों की सूचना प्राप्त हुई थी। इसी दौरान जिला विशेष टीम (डीएसटी) को भी इनपुट मिला कि पटेल नगर विस्तार क्षेत्र में रहने वाला एक युवक ऑनलाइन माध्यम से री-नीट परीक्षा का फर्जी पेपर बेच रहा है। सूचना के बाद पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने पटेल नगर विस्तार स्थित मकान पर दबिश देकर वहां रह रहे 19 वर्षीय आकाश चौधरी को हिरासत में लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी टेलीग्राम पर पेपर माफिया नामक चैनल संचालित कर रहा था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि वह अमेरिका (स््र) के वीपीएन नंबर और प्रॉक्सी नेटवर्क का उपयोग कर अपनी पहचान छिपाने का प्रयास कर रहा था। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसका मोबाइल फोन, नीट की एक किताब तथा अन्य दस्तावेज जब्त किए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी अभ्यर्थियों को यह विश्वास दिलाता था कि उसके पास नीट और री-नीट परीक्षा के असली प्रश्न पत्र उपलब्ध हैं। इसके बदले वह प्रति पेपर चार हजार रुपए वसूलता था। भुगतान के लिए वह अपना क्यूआर कोड भेजकर राशि सीधे खाते में जमा करवाता था। पुलिस के अनुसार आरोपी टेलीग्राम पर करीब 52 लोगों के संपर्क में था और उनसे पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर बातचीत कर रहा था।
नीट की किताब से तैयार करता था डमी पेपर
पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी नीट की पुस्तक के पन्नों को स्कैन कर उनसे डमी प्रश्न पत्र तैयार करता था। बाद में इन्हें असली पेपर बताकर अभ्यर्थियों को भेजता और उनसे रुपए वसूलता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने अभ्यर्थी इस ठगी का शिकार हुए हैं और आरोपी ने कुल कितनी राशि प्राप्त की है।
जयपुर में रहकर कर रहा था प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
पुलिस के अनुसार आकाश चौधरी का परिवार मूल रूप से चूरू जिले से जुड़ा हुआ है, जो करीब 25 वर्ष पूर्व रोजगार की तलाश में भीलवाड़ा आकर बस गया था। आकाश ने भीलवाड़ा में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद जयपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। वह घटना से दो दिन पहले ही जयपुर से भीलवाड़ा लौटा था।
आईटी एक्ट और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम में मामला दर्ज
थाना प्रभारी सुनील ताड़ा ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध धोखाधड़ी, फर्जी पेपर बेचने, आईटी एक्ट तथा सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसका मोबाइल फोन जब्त कर डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। साथ ही बैंक खातों के लेन-देन की पड़ताल कर यह पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे रैकेट और उसके संचालन के तरीके का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।
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