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‘हमारे चार-चार बालक नहीं तो समाज 20-25 साल बाद बचने वाला नहीं’ - बातचीत: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास अयोध्या के कोषाध्यक्ष बोले
By Lokjeewan Daily - 20-06-2026

भीलवाड़ा लोकजीवन। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास अयोध्या के कोषाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी गोविददेव गिरी जी महाराज ने कहा कि हमारे परिवारों में चार-चार बालक नहीं होंगे तो हमारा समाज 20-25 साल के बाद बचने वाला नहीं है। हमारी बेटियों को यह समझाने की जरूरत है। ये हमें करना होगा। इसके लिए माताओं का सम्मान करने की भी आवश्यकता है।  स्वामी गोविंददेव गिरी जी, यहां सुभाष नगर में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने महाभारत का संदर्भ देते हुए कहा कि एक ही बेटा होना, न होने के बराबर है। यदि क्षत्रिय है, और एक ही बेटा है और युद्ध में खतम हो गया तो आगे क्या होगा? आज सडक़ पर वाहन लेकर निकला हर व्यक्ति युद्ध की स्थिति में हैं। यदि इकलौता बेटा हादसे का शिकार हो जाए या पढ़ाई के लिए अमेरिका में गया और वहीं विवाह कर बस जाए, और माता-पिता यहां हो तो बुढ़ापे में कौन सेवा करेगा? अधिक पुत्र होना ही हमारे जीवन को निरंतर सुखी बनाने का उपाय है।  श्री कृष्ण जन्मभूमि न्यास मथुरा के उपाध्यक्ष गोविंद देव गिरी जी ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की पैरवी की। वे बोले-जिस प्रकार के बदलाव की जरूरत है, वह हो रहा है। भारत के प्राचीन ज्ञान-विज्ञान का समावेश हो। गौरवमयी इतिहास के क्षण व इतिहास पुरुषों का इतिहास बच्चों को आना चाहिए। देश का गौरव और स्वाभिमान बढ़े, ऐसी शिक्षा आनी चाहिए। शिक्षा केवल इंफॉर्मेटिव नहीं, फॉर्मेटिव होनी चाहिए, क्योंकि आज
उनके आचरण में भी बदलाव आना चाहिए। और वो भक्ति और जीवन मूल्यों के बिना नहीं आता, इसलिए भगतद् गीता का समावेश होना चाहिए। इसकी आवश्यकता है।  महाराज श्री ने इतिहास पुनर्लेखन की पैरवी करते हुए कहा कि पूर्व में इतिहास के साथ खिलवाड़ किया गया। जब इंदिरा गांधी सत्ता में थी, तब साम्यवादियों से उनका समझौता हुआ था। साम्यवादियों ने चालाकी से  शिक्षा अपने हाथ में लेकर इसे अपने ढंग से परिवर्तित कर दिया। यही कारण है कि आज बच्चों को मुगलों के नाम तो याद हैं, लेकिन संघर्ष करने वाले भारतीय राजाओं के नाम भुला दिए गए।  

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