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आचार्य पुलकसागर का भीलवाड़ा में चातुर्मास: 25 जुलाई को होगा भव्य नगर प्रवेश, तैयारियां चरम पर
By Lokjeewan Daily - 30-06-2026

- स्टेशन चौराहे से गोल प्याऊ तक पुष्पवर्षा
- नासिक-उज्जैन के बैंड से गूंजेगा स्वागत मार्ग
भीलवाड़ा लोकजीवन।  राष्ट्रसंत आचार्य पुलकसागर महाराज के प्रथम भीलवाड़ा चातुर्मास को लेकर शहर में धार्मिक उत्साह अपने चरम पर पहुंच गया है। सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से उनके नगर प्रवेश को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बनाने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। देशभर से हजारों श्रद्धालुओं, श्रावक-श्राविकाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में 25 जुलाई को आचार्यश्री का भव्य नगर प्रवेश होगा। इस अवसर पर पूरे मार्ग को धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भव्य स्वागत से सजाया जाएगा। चातुर्मास आयोजन समिति के अनुसार आचार्य पुलकसागर महाराज 24जुलाई की शाम चित्तौडग़ढ़ रोड स्थित रामधाम के निकट एक निजी रिसोर्ट में रात्रि विश्राम करेंगे। इसके बाद 25 जुलाई को शाम करीब चार बजे वहां से विहार प्रारंभ करेंगे और सायं लगभग साढ़े चार बजे रेलवे स्टेशन चौराहे पहुंचेंगे। यहीं से उनका भव्य स्वागत जुलूस प्रारंभ होगा, जिसमें सकल दिगंबर जैन समाज के साथ शहर के अनेक सामाजिक संगठन, विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु तथा हजारों की संख्या में धर्मावलंबी शामिल होंगे। नगर प्रवेश यात्रा के दौरान रेलवे स्टेशन चौराहे से गोल प्याऊ तक पूरे मार्ग पर पुष्पवर्षा की जाएगी। स्वागत यात्रा में नासिक का 25 सदस्यीय संयुक्त बैंड, उज्जैन का 30 सदस्यीय प्रसिद्ध ताशा बैंड तथा पुष्कर के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नगाड़ा वादक नाथूसिंह अपनी टीम के साथ विशेष प्रस्तुति देंगे। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज और धार्मिक जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में रंग जाएगा।
आयोजन को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए स्टेशन चौराहे से गोल प्याऊ तक विशेष ध्वनि व्यवस्था की जाएगी। वहीं भीलवाड़ा के नौ महिला मंडलों की ओर से शंखनाद, आरती, मंगल गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। जगह-जगह स्वागत द्वार, पुष्प सज्जा और धार्मिक झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
108 परिवारों को मिलेगा पाद प्रक्षालन का सौभाग्य
शास्त्रीनगर दिगंबर जैन मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि नेताजी सुभाष मार्केट से राजीव गांधी मार्केट तक सडक़ के मध्य करीब 400 फीट लंबे और चार फीट चौड़े लकड़ी के तख्त बिछाए जाएंगे। आचार्यश्री इन्हीं तख्तों पर विहार करेंगे। इस दौरान 109 चयनित श्रावक परिवारों को आचार्यश्री के पाद प्रक्षालन का दुर्लभ सौभाग्य प्राप्त होगा। पाद प्रक्षालन के समय श्रद्धालु पुष्पवर्षा करते हुए मंगलगान करेंगे। इसके बाद आचार्यश्री सिंधुनगर होते हुए शास्त्रीनगर मेन सेक्टर स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन करेंगे। रात्रि विश्राम सूर्य महल में रहेगा, जहां संपूर्ण चातुर्मास अवधि के दौरान प्रवचन, धर्मचर्चा और अन्य धार्मिक आयोजन संपन्न होंगे।
2 अगस्त से शुरू होगा चातुर्मास का औपचारिक शुभारंभ
आगामी 2 अगस्त को सूर्य महल में आचार्य पुलकसागर महाराज के सान्निध्य में मंगल कलश स्थापना के साथ चातुर्मास का विधिवत शुभारंभ होगा। इसके बाद प्रतिदिन सुबह साढ़े 8 बजे से दस बजे तक प्रवचन होंगे, जबकि शाम को 6 बजे भक्तिमय आरती का आयोजन किया जाएगा। दोपहर में सामायिक, प्रतिक्रमण, तत्वचर्चा और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन समिति के अनुसार देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले अनेक श्रावक पूरे चातुर्मास के दौरान चौका लगाकर धर्मलाभ प्राप्त करेंगे। वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु नियमित प्रवचनमाला और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे। आयोजकों का मानना है कि यह चातुर्मास भीलवाड़ा के धार्मिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा।
चातुर्मास समिति का गठन, बाकी जल्द होंगी घोषित
चातुर्मास की व्यवस्थाओं के लिए सकल दिगंबर जैन समाज की बैठक में आयोजन समिति का गठन भी कर दिया गया है। समिति के गौरवाध्यक्ष तिलोक छाबड़ा बनाए गए हैं, जबकि अध्यक्ष का दायित्व प्रवीण चौधरी को सौंपा गया है। संयोजक मनीष शाह, सहसंयोजक लोकेश अजमेरा, उपाध्यक्ष विजय झांझरी, सुरेश कोठारी और लोकेन्द्र जैन होंगे। जयकुमार पाटनी को महामंत्री, नरेश गोधा को मंत्री तथा अनिल अजमेरा को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। संयोजक मनीष शाह ने बताया कि आयोजन को सुव्यवस्थित और भव्य बनाने के लिए शीघ्र ही विभिन्न कार्य समितियों का गठन भी किया जाएगा। सभी समितियां अपने-अपने दायित्वों के अनुसार व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुट जाएंगी, ताकि आचार्य पुलकसागर महाराज का प्रथम भीलवाड़ा चातुर्मास ऐतिहासिक, अनुशासित और आध्यात्मिक दृष्टि से यादगार बन सके।

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