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भीलवाड़ा लोकजीवन। भारत विकास परिषद राजस्थान मध्य प्रांत की प्रांतीय पर्यावरण एवं जल संरक्षण कार्यशाला का गरिमामय आयोजन गुलाबपुरा के गांधी विद्यालय में हुआ। इस अवसर पर पर्यावरणविदों और प्रबुद्ध जनों ने बढ़ते वैश्विक पर्यावरण संकट पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए धरती के शृंगार और संरक्षण के लिए सामूहिक रूप से एकजुट होने का आह्वान किया। कार्यशाला में आगामी ओजोन परत संरक्षण दिवस (16 सितंबर) को ध्यान में रखते हुए विभिन्न शाखाओं के माध्यम से 5,000 पौधे लगाकर हरित शाखा विकसित करने का एक बड़ा और ऐतिहासिक संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत और पर्यावरण चेतना से ओतप्रोत सामूहिक प्रतिज्ञा के साथ हुआ। कार्यशाला में उपस्थित सभी सदस्यों ने एक स्वर में मत काटो बन उपवन को, जीवन पेड़ों की छाया में रोपो का संकल्प दोहराया। गुलाबपुरा शाखा अध्यक्ष सत्यनारायण व्यास ने सभी आगंतुकों का हृदय से अभिनंदन किया, वहीं चेतन पाराशर ने अपनी स्वरचित कविता आओ मिलकर पेड़ लगाएं, इस धरती की शान बढ़ाएं के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का अलख जगाया। इस प्रांतीय कार्यशाला में 19 विभिन्न शाखाओं से आए 143 संबल सदस्यों, 18 प्रांतीय पदाधिकारियों और 40 स्थानीय सदस्यों सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमियों ने सक्रिय भागीदारी की। मुख्य वक्ता पर्यावरणविद् राजेंद्र तिवारी ने माँ भारती को नमन करते हुए 'वंदे मातरू के उद्घोष के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने पर्यावरण सुधार के लिए एक प्रभावी नारा देते हुए कहा कि कचरा मुक्त व्यवहार, हरियाली की बहार, आओ रचें पुनर्नवा संसार। उन्होंने चेताया कि आज अंधाधुंध दोहन के कारण वृक्ष फलहीन और नदियां पानी से विहीन हो रही हैं, जिससे धरती का शरीर अस्वस्थ हो रहा है। यदि हम अब भी सचेत नहीं हुए तो आगामी पीढ़ी को इसका भारी हर्जाना भुगतना पड़ेगा। तिवारी ने एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक तथ्य साझा करते हुए बताया कि एक सामान्य पेड़ प्रतिवर्ष लगभग 10 से 12 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है और प्रतिदिन लगभग 300 लीटर जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करता है। यदि देश की आबादी का प्रत्येक व्यक्ति सिर्फ एक-एक पेड़ लगाने और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी उठा ले, तो देश की तस्वीर बदल सकती है। मुख्य अतिथि महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के पूर्व अधीक्षक व पर्यावरणविद् राजेंद्र पारीक, विशिष्ट अतिथि आनंद सिंह राठौड़ और क्षेत्रीय संयोजक दिलीप पारीक ने भी इस मौके पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यशाला में भीलवाड़ा ,शाहपुरा, नसीराबाद, अजमेर मुख्य, किशनगढ़, ब्यावर, मांडल और विजयनगर सहित मध्य प्रांत की कई शाखाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान गोविंद प्रसाद सोडानी, राजेश कामदार, श्याम कुमावत, कैलाश और जितें
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