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रसद विभाग के भ्रष्टाचार के खिलाफ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, एसपी-कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
By Lokjeewan Daily - 07-07-2026

- फर्जी दस्तावेज व जाली दस्तखत से छीना था राशन लाइसेंस
-  9 महीने की जंग के बाद अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज
भीलवाड़ा लोकजीवन। जिले के रसद विभाग में मासिक बंधी नहीं देने पर एक गरीब राशन डीलर को षड्यंत्रपूर्वक फंसाने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए उसका लाइसेंस रद्द करने के मामले में आज नया मोड़ आया है। न्यायालय के आदेश पर रसद विभाग के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद, आज मंगलवार को पीड़ित डीलर ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद पीडि़तने जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक (एसपी) महोदय को ज्ञापन सौंपकर आरोपी अधिकारियों की त्वरित गिरफ्तारी की मांग की है। खामोर निवासी पीडि़त राशन डीलर ओमप्रकाश वैष्णव (लाइसेंस नंबर 1283/2023) ने बताया कि जिला रसद अधिकारी और उनके मातहत कर्मचारी लगातार उन पर नाजायज पैसों (महीने की बंधी) के लिए दबाव बना रहे थे। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण जब वे मांग पूरी नहीं कर पाए, तो अधिकारियों ने दुकान बंद कराने की धमकियां देना शुरू कर दिया। इसी कड़ी में 29 अक्टूबर 2025 को रसद विभाग की टीम, जिसमें मीनाक्षी मीणा, बृजेश सैठी और विनोद मीणा शामिल थे, दुकान पर औचक निरीक्षण के बहाने पहुंचे। वहां सबकुछ सही पाए जाने पर अधिकारियों ने डीलर व 2 गवाहों के दस्तखत एक रिपोर्ट पर करवाए। लेकिन बाद में अधिकारियों ने मिलीभगत कर उन मूल दस्तावेजों को बदल दिया और फर्जी कागजात तैयार कर गवाहों के जाली हस्ताक्षर कर दिए। इसके बाद षड्यंत्रपूर्वक डीलर का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया और उलटा डीलर पर ही मुकदमा दर्ज करवा दिया गया, जिससे बचने के लिए पीड़ित को हाईकोर्ट से स्टे लेना पड़ा।
9 महीने के कानूनी संघर्ष के बाद न्याय की उम्मीद
 ोमप्रकाश ने बताया कि जब उन्होंने आरटीआई और प्रमाणित प्रतियों के आधार पर निजी स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से एफएसएल जांच करवाई, तो गवाहों के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए। इस पुख्ता सबूत को न्यायालय में पेश करने के बाद कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया और फुलियाकलां पुलिस को मामला दर्ज करने के आदेश दिए, जिसकी पालना में 6 जुलाई  को एफआईआर संख्या 157/2026 दर्ज की गई। न्याय की इस लड़ाई को तार्किक परिणति तक पहुंचाने के लिए पीडि़त मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी व्यथा रखी और पुलिस-प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की गुहार लगाई।  

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