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आशा सहयोगिनियों की आंदोलन गूंज, 26 हजार न्यूनतम वेतन और परमानेंट कैडर की मांग को लेकर प्रदर्शन
By Lokjeewan Daily - 09-07-2026

-  पीएम से लेकर सीएम के नाम 17 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा
- सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने लामबंद होकर जताया आक्रोश
भीलवाड़ा लोकजीवन।  जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की अहम कड़ी मानी जाने वाली आशा सहयोगिनियों ने गुरुवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। आशा सहयोगिनी कर्मचारी संघ (भारतीय मजदूर संघ संबद्ध) के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर रैली निकालकर प्रदर्शन किया और जिला कलक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री तथा मुख्यमंत्री के नाम 17 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।
संघ की जिला महामंत्री सीता सैनी ने बताया कि राष्ट्रीय कार्यसमिति की पुणे में आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय के तहत देशभर में आंदोलन चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्षों से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद आशा सहयोगिनियों, एएनएम और संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल रही है। मांगपत्र में सभी आशा सहयोगिनियों और संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों को 26 हजार से 48 हजार रुपए तक न्यूनतम मासिक वेतन देने, वार्षिक वेतन वृद्धि लागू करने तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत स्थायी कैडर बनाकर संविदा व्यवस्था समाप्त करने की मांग की गई है। साथ ही समान कार्य के लिए समान वेतन, ईपीएफ और ईएसआई की सुविधा, सेवानिवृत्ति के बाद नियमित पेंशन तथा सेवानिवृत्ति लाभ के रूप में 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि देने की भी मांग उठाई गई। संघ ने कार्य के दौरान दुर्घटना अथवा सामान्य मृत्यु होने पर आश्रितों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने, अनुभवी आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देकर एएनएम एवं फैसिलिटेटर पदों पर पदोन्नति देने, वर्ष में दो सेट यूनिफॉर्म अथवा धुलाई भत्ता, अस्पतालों में विश्राम कक्ष तथा फील्ड ड्यूटी के लिए यात्रा भत्ता उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 में आशा कार्यकर्ताओं के प्रोत्साहन मानदेय को दोगुना करने की घोषणा के बावजूद अधिकांश कार्यों का उचित भुगतान आज तक नहीं हुआ। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच मानदेय और भत्तों में पर्याप्त वृद्धि नहीं होने से आशा कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष है। संघ ने राज्य सरकार से 1 अप्रैल 2026 से घोषित 10 प्रतिशत मानदेय वृद्धि के आदेश तत्काल लागू करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

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