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हाईवे के कातिल गड्ढों ने ली तीन जिंदगियों की बलि, बेकाबू कार ने बाइक सवार युवकों को कुचला
By Lokjeewan Daily - 15-07-2026

- भीषण सडक़ हादसे में  लहू-लुहान हुआ नेशनल हाईव
-  कैटरिंग का काम कर घर लौट रहे थे तीन दोस्त
भीलवाड़ा लोकजीवन।  रफ्तार का कहर और नेशनल हाईवे के जानलेवा गड्ढों ने एक बार फिर हंसते-खेलते तीन परिवारों को उम्र भर का दर्द दे दिया। आसींद थाना क्षेत्र के तहत ब्राह्मणों की सरेरी कस्बे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-158 पर बीती देर रात एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सडक़ हादसा सामने आया है। हाईवे पर बने एक गहरे गड्ढे को बचाने के चक्कर में तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार बेकाबू हो गई और उसने सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। भिड़ंत इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और उस पर सवार तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। शिनाख्त होने के बाद जब मृतकों के घरों पर खबर पहुंची, तो कोहराम मच गया।
काम खत्म कर घर लौट रहे थे मासूम, रास्ते में खड़ी थी मौत
जानकारी के अनुसार, पालड़ी निवासी कमलेश (22) पुत्र नारायण बलाई, बिहार के छपरा निवासी भूरा उर्फ निजाम खान और बिहार के ही मुजफ्फरपुर निवासी बृजेश सहनी (24) पुत्र भूषण सहनी भीलवाड़ा में एक कैटरिंग व्यवसाय में हाथ बंटाते थे। मंगलवार देर रात्रि को भीलवाड़ा में कैटरिंग का काम निपटाकर तीनों दोस्त एक ही बाइक पर सवार होकर पालड़ी की तरफ लौट रहे थे।
वे जैसे ही राष्ट्रीय राजमार्ग-158 पर स्थित पुलिया के समीप पहुंचे, तभी आसींद से भीलवाड़ा की ओर तेज रफ्तार में जा रही एक स्विफ्ट डिजायर कार के चालक ने गड्ढे से बचने के लिए स्टेयरिंग को अचानक मोड़ा। तेज गति होने के कारण कार चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और बेकाबू कार रॉन्ग साइड में जाकर बाइक से सीधे जा टकराई।
दो की मौके पर ही थमी सांसें, तीसरे ने बाद में तोड़ा दम
टक्कर की गूंज इतनी भयानक थी कि आसपास के लोग सहम गए। कार की चपेट में आते ही कमलेश बलाई और निजाम खान हवा में कई फीट उछलकर सीधे सडक़ पर जा गिरे। सिर और छाती में गंभीर चोटें आने के कारण दोनों ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। वहीं, तीसरा साथी बृजेश सहनी लहू-लुहान हालत में सडक़ पर पड़ा चीख रहा था। सूचना मिलते ही आसींद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से गंभीर घायल बृजेश को तुरंत भीलवाड़ा जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि उसने अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मृतकों में शामिल कमलेश बलाई अपने चार भाइयों में सबसे छोटा था और परिवार का लाडला था। जैसे ही पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द किया, पालड़ी गांव में मातम छा गया। परिजनों की चीत्कारों से पूरा माहौल गमगीन हो गया।
यह हादसा नहीं, लापरवाही से हुई हत्या
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण  और संबंधित विभाग के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया। लोगों का आरोप है कि एनएच-158 के इस हिस्से और पुलिया के पास लंबे समय से जानलेवा और गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जिन्हें ठीक करने की जहमत विभाग ने नहीं उठाई।
2 साल में 10 से ज्यादा मौतें
ग्रामीणों ने दावा किया कि इन खूनी गड्ढों के कारण पिछले दो वर्षों में इस पैच पर 10 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। पुलिस ने मृतकों के परिजनों की रिपोर्ट पर कार चालक के खिलाफ तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाकर दुर्घटना कारित करने का मामला दर्ज किया है और नाकाबंदी कर कार्रवाई शुरू कर दी थी। शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। कार को जब्त कर लिया गया है और दुर्घटना के सही कारणों की गहनता से जांच की जा रही है।

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