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ट्रांसपोर्ट हड़ताल: तीन दिन में 11 करोड़ का कारोबार ठप, फैक्ट्रियों में लोडिंग बंद करने की चेतावनी
By Lokjeewan Daily - 15-07-2026

भीलवाड़ा लोकजीवन। सरकार की कथित ट्रांसपोर्ट विरोधी एवं दमनकारी नीतियों के खिलाफ राजस्थान ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति के आह्वान पर शुरू हुई प्रदेशव्यापी हड़ताल आज तीसरे दिन भी जारी रही। टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा में परिवहन गतिविधियां पूरी तरह ठप पड़ी हैं, जिससे तीन दिनों में कुल 11 करोड़ रुपए का व्यापार प्रभावित हो चुका है। अकेले पहले दिन ही साढ़े तीन करोड़ का कारोबार ठप हुआ था, और स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। शहर का ट्रांसपोर्ट नगर पूरी तरह सुनसान पड़ा है। न तो माल की बुकिंग हो रही है और न ही डिलीवरी। जिले भर में लगभग 3,000 मालवाहक वाहनों के पहिए थमे हुए हैं, जिनमें से करीब 1,000 वाहन अकेले ट्रांसपोर्ट नगर परिसर में खड़े हैं। बाहर से आने वाले ट्रकों को भी संघर्ष समिति की विशेष अनुमति के बाद ही खाली करवाया जा सका।
श्रमिकों पर रोजी-रोटी का संकट
समिति के अध्यक्ष विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने बताया कि इस चक्का जाम का सबसे सीधा और घातक असर जमीनी तबके पर पड़ा है। ट्रांसपोर्ट नगर में रोजाना कमाकर खाने वाले लगभग 1,500 से 2,000 टेंपो चालक, हम्माल (पल्लेदार), लेबर और अन्य दिहाड़ी श्रमिक पिछले तीन दिनों से काम न मिलने के कारण बुरी तरह प्रभावित हैं।
आंदोलन उग्र करने की चेतावनी, फैक्ट्रियों में थमेगी लोडिंग
संघर्ष समिति के सचिव अरिहंत जैन के अनुसार, ट्रांसपोर्टरों की बैठक में सर्वसम्मति से आंदोलन को और तेज करने का प्रस्ताव पास किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो अगले चरण में संघर्ष समिति के प्रतिनिधि जिले के खनन क्षेत्रों, औद्योगिक इकाइयों और फैक्ट्रियों में जाकर व्यापारियों से समर्थन मांगेंगे और किसी भी वाहन में माल की लोडिंग नहीं होने देंगे।
नियम तोडऩे पर लगेगा जुर्माना, 8 गश्ती दल तैनात
आंदोलन को पूरी तरह प्रभावी बनाने के लिए संगठन ने कमर कस ली है। शहर और आसपास के इलाकों में लोडिंग-अनलोडिंग वाले स्थानों पर कड़ी नजर रखने के लिए 8 विशेष गश्ती दलों का गठन किया गया है। सचिव ने स्पष्ट किया कि यदि कोई वाहन मालिक या व्यापारी आंदोलन की अवहेलना करता पाया गया, तो संगठन स्तर पर उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। ट्रांसपोर्टरों के इस सख्त रुख से आने वाले दिनों में भीलवाड़ा के कपड़ा और खनन उद्योग पर बड़ा संकट मंडरा रहा है।

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