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मुआवजे पर अड़े अफीम किसान, बिना हर्जाने के डोडा चूरा नष्टीकरण से साफ इनकार
By Lokjeewan Daily - 16-07-2026

भीलवाड़ा लोकजीवन। मांडलगढ़ तहसील के सराणा गांव में आबकारी विभाग द्वारा आयोजित डोडा चूरा नष्टीकरण शिविर उस समय हंगामे की भेंट चढ़ गया, जब क्षेत्र के सैकड़ों अफीम किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया। किसानों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक सरकार द्वारा नष्ट किए जाने वाले डोडा चूरा का उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक वे किसी भी कीमत पर इसका नष्टीकरण नहीं होने देंगे। सराणा गांव में आयोजित सरकारी शिविर में आबकारी विभाग की टीम जैसे ही डोडा चूरा के नष्टीकरण की प्रक्रिया शुरू करने लगी, वहां पहले से मौजूद सैकड़ों किसानों का भारी आक्रोश फूट पड़ा। प्रदर्शनकारी किसानों ने दोटूक लहजे में कहा कि वे बिना मुआवजा मिले अपनी फसल का यह अवशेष नष्ट नहीं होने देंगे। इस बड़े किसान विरोध प्रदर्शन में सराणा सहित सोपुरा जाटों का, धामणघट्टी, बरूंदनी, देबीपुरा, नयागांव (सराणा), खाचरोल, जापरपुरा, गोवटा, मानगंज, जगपुरा, श्यामगढ़, फूलजी की खेड़ी, गोविंदपुरा, लाडपुरा, बल्दरखा, फलासिया, कालीखोल और हिंगोनिया सहित क्षेत्र के दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसान एकजुट होकर मौके पर डटे रहे। किसानों की इस मुहिम को भारतीय किसान संघ का भी बड़ा समर्थन मिला है। शिविर में भारतीय किसान संघ के प्रदेश अफीम आयाम प्रमुख बद्रीलाल जाट, जिला प्रचार प्रमुख श्यामलाल सुथार, तहसील अध्यक्ष लालाराम गुर्जर, तहसील मंत्री धनराज कुमावत सहित रामेश्वर जाट, हरिलाल जाट, जगदीश जाट, बालू धाकड़, सांवरमल जाट, गोपाल धाकड़ एवं मांडलगढ़ तहसील के कई प्रमुख पदाधिकारी व कार्यकर्ता अग्रिम पंक्ति में आंदोलन की अगुवाई करते नजर आए। आंदोलनकारी किसानों ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व ही उन्होंने मांडलगढ़ एवं कोटड़ी उपखंड अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर डोडा चूरा के उचित मुआवजे की पुरजोर मांग की थी।
किसानों का साफ कहना है कि जब तक राज्य सरकार उनकी इस जायज मांग पर कोई सकारात्मक और ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक उनका यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा। फिलहाल प्रशासन और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच गतिरोध बना हुआ है और किसान अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं।

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