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चिकित्सा मंत्री के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग जागा : सिम्स हॉस्पिटल की जांच के लिए बनाई कमेटी
By Lokjeewan Daily - 17-07-2026

- 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच कमेटी 7 दिन में पेश करेगी रिपोर्ट
- अस्पताल की मान्यता, सेवाओं और रिकॉर्ड्स की होगी गहन पड़ताल
भीलवाड़ा लोकजीवन । शहर के प्रमुख निजी चिकित्सा संस्थानों में शुमार जीबीएच सिम्स हॉस्पिटल  की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। एमजीएच में पांच महिलाओं की मौत के बाद पोस्टर से भ्रामक प्रचार करना अस्पताल को महंगा पड़ गया। चिकित्सा मंत्री ने दौरे के दौरान मामले की जानकारी मिलने पर उक्त निजी अस्पताल की सम्पूर्ण जांच के आदेश दिए। इसके बाद जागे स्वास्थ्य विभाग  ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मिल रही लगातार गंभीर शिकायतों को देखते हुए जांच कमेटी गठित कर दी।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने बड़ा कदम उठाते हुए  एक आधिकारिक आदेश जारी कर दिया। इसमें अस्पताल के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की व्यापक जांच के लिए 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय विशेष कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी को पूरे मामले की जांच कर अगले 7 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
इन बिंदुओं पर कसी जाएगी नकेल, होगी बारीक जांच
आदेश के अनुसार, गठित जांच कमेटी अस्पताल परिसर में जाकर विभिन्न व्यवस्थाओं और नियमों की बारीकी से पड़ताल करेगी। जांच के दायरे में मुख्य रूप से  राज्य सरकार द्वारा संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं का क्रियान्वयन, आवश्यक लाइसेंस और चिकित्सा नियमों की पालना, अस्पताल के विभिन्न विभागों में भर्ती और आने वाले मरीजों को दी जा रही चिकित्सा सुविधाएं व सेवाएं, चिकित्सा सेवाओं से जुड़े तमाम दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स का रख-रखाव,  अस्पताल में कार्यरत स्टाफ व डॉक्टरों के मान्यता प्रमाण-पत्रों की सत्यता,  संस्थान के संचालन के लिए ली गई अनापत्ति प्रमाण-पत्र की वैधता की जांच की जाएगी।
डॉ. दिलराज मीणा की अध्यक्षता में बनी टीम में पांच सदस्य
आदेश के मुताबिक, उप निदेशक डॉ. दिलराज मीणा को इस जांच कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। कमेटी में स्वास्थ्य विभाग के पांच अन्य अनुभवी अधिकारियों व कर्मचारियों को शामिल किया गया है। इनमें नर्सिंग टयूटर अरुण पुरोहित, रवीन्द्र टेलर, डीपीओ योगेश वैष्णव, डीपीसी, पीसीपीएनडीटी रामस्वरूप सेन, डीपीसी, मां योजना प्रदीप दाधीच  को सदस्य के रूप में शामिल किया गया।
सीएमएचओ ने कमेटी से 7 दिन में मांगी रिपोर्ट
मुुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश दिया है कि जांच कमेटी अविलंब मामले की तह तक जाए और अपनी स्पष्ट जांच रिपोर्ट आगामी 7 कार्यदिवसों के भीतर अधोहस्ताक्षरकर्ता  के समक्ष प्रस्तुत करे।  आदेश की प्रतिलिपि निदेशक, जन स्वास्थ्य, जयपुर, राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी और जिला कलेक्टर भीलवाड़ा को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजी गई है। इस कार्रवाई के बाद से निजी अस्पताल संचालकों में हडक़ंप का माहौल है।
संंक्रमत ओटी से बचने का पोस्टर किया जारी, फिर मांगी माफी
जीबीएच सिम्स हॉस्पिटल की ओर से जारी पोस्टर में लिख गया था की संक्रमित ओटी  से बचें, आज ही अपने बच्चे और मां को सुरक्षित मातृत्व दिलाइए। पोस्टर में संक्रमित ओटी के खतरे जैसे इन्फेक्शन का अधिक जोखिम, मां व बच्चे की जान को खतरा, स्वच्छता की कोई गारंटी नहीं, जटिलताओं की संभावना ज्यादा को दर्शाया गया। इसमें जीबीएच सिम्स की ओर से वादा किया गया कि  उनका ओटी पूर्णत: स्वच्छ और स्टरल है, इन्फेक्शन फ्री वातावरण है, अनुभवी डॉक्टरों की टीम, मां व बच्चे की 24 गुणा 7 गहन निगरानी रखती है। इस पोस्टर क ो जारी कर सरकारी संस्थान के खिलाफ भ्रामक प्रचार करने पर सीएमएचओ ने नोटिस भी जारी किया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने अपनी गलती मानकर माफी मांगी

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