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बजट सत्र से पहले रोजगार की आस: कोविड स्वास्थ्य सहायकों ने सरकार को भेजे 18 हजार ई-मेल
By Lokjeewan Daily - 20-07-2026

भीलवाड़ा लोकजीवन। राजस्थान में बजट सत्र 2026 के बीच अपने रोजगार की बहाली को लेकर कोविड स्वास्थ्य सहायकों ने सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। कोविड स्वास्थ्य सहायक कर्मचारी संघ राजस्थान के बैनर तले अपनी मांगों को मनवाने के लिए प्रदेशभर के अभ्यर्थियों ने एक अनोखा सोशल मीडिया और ई-मेल जागरूकता आंदोलन छेड़ रखा है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरसिंह बासरोटा के नेतृत्व में अब तक केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न मंत्रियों, अधिकारियों और संवैधानिक पदों पर बैठे दिग्गजों को लगभग 18,000 से अधिक ई-मेल भेजे जा चुके हैं। संगठन का साफ कहना है कि अगर सरकार ने बजट सत्र के दौरान वर्ष 2022-23 की बजट घोषणा को पूरा करते हुए उनके रोजगार का रास्ता साफ नहीं किया, तो वे दिल्ली कूच से लेकर राजस्थान विधानसभा के घेराव जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे। गौरतलब है कि बीते 9 जुलाई  को जयपुर के शहीद स्मारक पर प्रदेशव्यापी एक दिवसीय धरने के दौरान आंदोलन ने गति पकड़ी थी। उस समय शासन सचिव  गायत्री राठौड और अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) राकेश शर्मा के जरिए एक प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई थी। इस वार्ता में अधिकारियों ने सीएचए समन्वय समिति को चिकित्सा मंत्री से चर्चा करने के लिए 10 से 15 दिन का समय दिया था। तय समय सीमा बीतने के करीब आने और बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन में हो रही देरी को देखते हुए प्रदेश कार्यकारिणी ने डिजिटल मुहिम को और तेज कर दिया है। इस सिलसिलेवार ई-मेल मुहिम के तहत मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को 1500, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी को 1000, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 1230, केंद्रीय गृह मंत्री को 900 और महामहिम राष्ट्रपति को 2000 के करीब ई-मेल भेजकर अपनी व्यथा बताई गई है। इसके अलावा राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर और सभी जिला कलेक्टरों को भी सैकड़ों ई-मेल किए गए हैं। इसी कड़ी में  20 जुलाई को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित राज्य के अन्य दिग्गज नेताओं को भी ई-मेल के जरिए मांग पत्र भेजा गया है। रणनीति को मजबूत करने के लिए संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीर सिंह बास रोटा ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल के आवास पर मुलाकात की थी। बेनीवाल ने आश्वस्त किया है कि वे विधानसभा में सीएचए के रोजगार का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाएंगे। संघ ने चेतावनी दी है कि वे फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन यदि बजट में सीएचए राजस्थान को न्याय नहीं मिला तो एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से दिल्ली में गुहार लगाएगा और उग्र आंदोलन की स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी पूर्णत: प्रशासन व सरकार की होगी।

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