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मुझे न नोट न वोट चाहिए, मुझे तो बस आपके जीवन की खोट चाहिए- राष्ट्र संत पुलकसागर महाराज
By Lokjeewan Daily - 03-08-2026

 - चातुर्मासिक मंगल कलश स्थापना समारोह, निकली यात्रा
- ें पुण्यार्जक परिवारों को मिला धार्मिक क्रियाओं का लाभ
 भीलवाड़ा लोकजीवन । शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में विराजित राष्ट्रसंत मनोज्ञाचार्य पुलकसागरजी महाराज के भीलवा?ा में पहली बार श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से आयोजित होने वाले चातुर्मास का विधिवत शुभारंभ रविवार को नगर निगम के चित्रकूटधाम में श्रद्धा, आस्था एवं भक्ति के रंगों से ओतप्रोत माहौल में मंगल कलश स्थापना के साथ हुआ। इस अवसर पर भीलवाड़ा ही नहीं राजस्थान एवं देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। ये आयोजन न केवल धार्मिक उत्सव बना बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता एवं आत्मिक जागरण का संदेश भी लेकर आया। मुख्य कलश पुण्यार्जक तिलोकचंद छाबड़ा एवं सुरेन्द्र सुराणा परिवार रहे। चातुर्मास के पुण्यार्जक दिलीप, प्रवीण नवीन चौधरी परिवार, नंदलाल सुरेश कोठारी परिवार, सुशील सुनील लोकेन्द्र जैन परिवार, गुलाबचंद मनीष शाह परिवार, निहालचंद लोकेश अजमेरा परिवार रहे। इनके साथ 100 श्रावक परिवारों को भी चातुर्मास कलश स्थापना का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
कलश स्थापना के साथ आपके कर्तव्य पूर्ण, अब कर्तव्य हमारे
प्रवचन में आचार्य पुलकसागर महाराज ने कहा कि कलश स्थापना के साथ आपके कर्तव्य पूर्ण हो गए अब कर्तव्य हमारे है। आज से चातुर्मास की जिम्मेदारी हमारी है। मुझे भीलवाड़ा वालों से न नोट, न वोट न सपोर्ट चाहिए मुझे तो बस केवल तुम्हारी जिंदगी की वह खोट चाहिए जो तुम्हे चेन की नींद नहीं सोने देती है। वह खोट चाहिए जहां एक घर दूसरे घर से बोला नहीं करते ओर दिलों में ख?ी दिवारे गिराने का अवसर चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे प्रतिदिन 24 में से एक घंटा चाहिए ये दे दिया तो मैं तुम्हारे 23 घंटे सार्थक करने का वचन देता हूं। मैं वह बात करूंगा जिससे आपको जिंदगी जीने का आनंद मिल सके। आचार्यश्री ने कहा कि मैं यहां चातुर्मास में आया हूं तो मुझे तुम्हारे सोफासेट, डायमंड सेट, सोफासेट से मतलब नहीं मुझे तुम्हारे मन को सेट करना है। भीलवाड़ा से जाने पहले ज्ञान गंगा महोत्सव से तुम्हारे मन को सेट कर जाउंगा। मन सेट हो गया तो सब सेट हो जाएगा। मेरे प्रवचनों में पुराणों की नहीं जिंदगी के अफसानों की बात होगी। पुराणों की बात इधर से सुनो उधर से निकल जाती है ओर प्राण की बात सुनो तो एक प्राण से दूसरे प्राण में समा जाती है। जब प्राण की बात की जाती है तो भीलवाड़ा वालो समझना चातुर्मास करना ओर कराना सार्थक हो गया। उन्होंने कहा कि मैं आपकी नगरी में आया हूं तो मुझसे ज्यादा अपेक्षा मत रखना, जब तक आप तैयार नहीं होंगे मैं कुछ नहीं कर पाउंगा। हमे दुनिया को नहीं खुद को बदलने का प्रयास करना है। चित्रकूटधाम में 15 से 30 अगस्त तक ज्ञान गंगा महोत्सव में परिवर्तन के, चिंतन के, जीवन को दिशा देने ओर अपने से मिलने के प्रवचन होंगे। उन्होंने कहा कि कलश केवल जल का पात्र नहीं यह श्रद्धा विश्वास एवं जीवन परिवर्तन का प्रतीक है। चातुर्मास आत्मनिरीक्षण ओर संयम की साधना का पर्व है। अपने घर में प्रेम का दीपक जलाने का प्रयास करे। मंगल कलश जिन्होने लिया उनका भी ओर जिन्होंने नहीं लिया उनका भी मंगल होगा। चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि इन कलश में विभिन्न प्रकार की मांगलिक सामग्रियां, जड़ी बुटिया, पिरामिड आदि रखे गए है जो घर को सकारात्मक उर्जा से भरते है। इन कलशों की विधिवत पूजा कर सोमवार को चातुर्मास स्थल सूर्यमहल में स्थापित किया जाएगा।चातुर्मास समिति के संयोजक मनीष शाह एवं सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने बताया कि इस आयोजन में शामिल होने के लिए मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे थे। मंगल कलश शोभायात्रा जब सूर्यमहल से चित्रकूटधाम के लिए निकली तो जय गुरूदेव के जयघोष से पूरा वातावरण आध्यात्मिक उर्जा से भर गया। इसमें मुख्य कलश स्थापना करने वाले तिलोकचंद छाबड़ा एवं सुरेन्द्र सुराणा परिवार विंटेज कार में सवार थे। शोभायात्रा में ग्यारह लाख एवं पांच लाख के पुण्यार्जक परिवारों के दो-दो सदस्य मंगलकलश लेकर बग्गियों में बैठे थे। समारोह में कई गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे।  इस भव्य आयोजन में आचार्यश्री के पाद प्रक्षालन,शास्त्र भेंट, पूजन और आरती का पूरा सौभाग्य संघपति प्रदीप मामा एवं कल्पना मामी ने प्राप्त किया। इससे पूर्व प्रात: 9 बजे चातुर्मास स्थापना पर ध्वजा रोहण का सौभाग्य  संतकुमार,विपुल,अतुल पाटनी परिवार को प्राप्त हुआ। इस आयोजन को सफल बनाने में मुख्य पीयूष गोधा,लोकेश अजमेरा,रवि चौधरी,प्रेमचंद सेठी,अनिल पाटनी,जयकुमार पाटनी,भूमिका जैन,तनुजा टोंग्या,सुनीता पाटनी एवं पूरे समाज की भोजन व्यवस्था आदिनाथ नवयुवक मंडल के नेतृत्व में भीलवाड़ा के सभी मंडलों ने सराहनीय योगदान दिया।
 ज्ञानगंगा महोत्सव 15 अगस्त से चित्रकूटधाम में
चातुर्मासिक मंगलकलश स्थापना के बाद पूज्य पुलकसागरजी महाराज के सानिध्य में नियमित चातुर्मासिक प्रवचन 3 अगस्त से प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10 बजे तक शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में होंगे। चातुर्मास का प्रमुख आकर्षण ज्ञान गंगा महोत्सव 15 से 30 अगस्त तक चित्रकूटधाम में आयोजित किया जाएगा। महोत्सव के तहत 15 अगस्त को स्वाधीनता दिवस, 19 अगस्त को मोक्ष सप्तमी एवं 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर विशेष आयोजन होंगे।

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