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मेडिकल कॉलेज के 100 से अधिक रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर
By Lokjeewan Daily - 06-08-2026

- पांच माह से नहीं मिल रहा स्टाइपेंड
- एमजीएच के वार्डो में दिखा असर
भीलवाड़ा लोकजीवन। राजमाता विजया राजे सिंधिया मेडिकल कॉलेज के 100 से अधिक रेजिडेंट डॉक्टरों ने बकाया वेतन/स्टाइपेंड के भुगतान की मांग को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल के कारण महात्मा गांधी चिकित्सालय में स्वास्थ्य और चिकित्सा व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। राहत की बात यह है कि रेजिडेंट डॉक्टरों ने आपातकालीन सेवाओं का बहिष्कार नहीं किया है।  अस्पताल परिसर में प्रदर्शन कर रहे रेजिडेंट डॉक्टरों ने बताया कि पिछले 5 से 6 महीनों से उनका स्टाइपेंड (वेतन) बकाया है। हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों का कहना है कि वे लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन समय पर वेतन न मिलने से उन्हें अपने पारिवारिक और दैनिक खर्चों के साथ-साथ लोन की ईएमआई भरने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बांटो और राज करो की नीति अपना रहा प्रशासन
डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि हड़ताल की चेतावनी देने के बाद प्रशासन ने आनन-फानन में केवल कुछ डॉक्टरों के खातों में 2 महीने की सैलरी डालकर रेजिडेंट डॉक्टरों की एकता को तोडऩे का प्रयास किया है। डॉक्टरों का कहना है कि जब सभी रेजिडेंट डॉक्टर समान रूप से अपनी निष्ठा और मेहनत के साथ ड्यूटी कर रहे हैं, तो केवल कुछ ही लोगों का भुगतान करना अन्यायपूर्ण है।
डॉक्टरों ने यह रखी प्रमुख मांगे
डॉक्टरों ने मांग की है कि सभी रेजिडेंट डॉक्टरों, सीनियर रेजिडेंट्स, पीजी और डीएनबी (ष्ठहृक्च) डॉक्टरों के पिछले सभी महीनों के बकाया स्टाइपेंड का तुरंत और एक साथ भुगतान किया जाए। भविष्य में हर महीने स्टाइपेंड भुगतान की एक तारीख तय की जाए ताकि डॉक्टरों को बार-बार प्रदर्शन न करना पड़े। रेजिडेंट डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों का स्थाई और पूर्ण समाधान नहीं हो जाता, तब तक उनकी यह अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
प्रिंसिपल ने दिया आश्वासन
एमडी, डीएनबी और सीनियर रेजिडेंट्स की सैलरी को लेकर जो समस्या आ रही थी, उस पर हमारी तरफ से सभी बिल बनाकर कोष कार्यालय भेजे जा चुके हैं। उच्च अधिकारियों से भी इस संबंध में बातचीत हो चुकी है। लगभग 70 प्रतिशत रेजिडेंट्स के खातों में सैलरी आ चुकी है। प्रशासन से आश्वासन मिला है कि अगले कुछ ही दिनों के भीतर बाकी बचे हुए सभी लंबित  बिल क्लियर करके सैलरी जारी कर दी जाएगी। डॉक्टर्स को भी हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने को बोला है।
डॉ. पूजा गंगराड़े, प्रिंसिपल
आरवीआरएस मेडिकल कॉलेज, भीलवाड़ा

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