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मासूम रुद्र की सांसें थमीं: सावन के पहले दिन पालना गृह में मिला था नवजात, इलाज के दौरान तोड़ा दम
By Lokjeewan Daily - 17-08-2026

भीलवाड़ा। महात्मा गांधी चिकित्सालय परिसर स्थित पालना गृह
 में सावन के पहले दिन लावारिस हालत में छोड़े गए नवजात रुद्र की जिंदगी की जंग आखिरकार थम गई।  इलाज के दौरान अस्पताल के नवजात गहन चिकित्सा इकाई में मासूम ने अंतिम सांस ली। महज कुछ ही दिनों की इस नन्हीं सी जिंदगी को बचाने के लिए डॉक्टरों की टीम और बाल कल्याण समिति ने पूरी कोशिश की, लेकिन बच्चे की हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। उल्लेखनीय है कि गत 31 जुलाई को पालना गृह की घंटी बजने पर अस्पताल स्टाफ ने तुरंत मौके पर पहुंचकर इस नवजात को सुरक्षित बाहर निकाला था। जन्म के समय बच्चे का वजन करीब 1.870 किलोग्राम था और उसकी गंभीर नाजुक हालत को देखते हुए उसे तत्काल हृढ्ढष्ट में भर्ती कर डॉक्टरों की सख्त निगरानी में रखा गया था। सूचना मिलते ही बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने भी अस्पताल पहुंचकर बच्चे के स्वास्थ्य का जायजा लिया था। सावन मास के प्रथम दिन और भगवान शिव के पावन अवसर को ध्यान में रखते हुए समिति ने इस मासूम का नाम रुद्र रखा था। मासूम की सुरक्षा और बेहतर देखभाल को लेकर समिति बेहद सतर्क थी, वार्ड के बाहर बाकायदा महिला पुलिस गार्ड तैनात की गई थी और अस्पताल प्रशासन को इलाज में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे। सभी को उम्मीद थी कि रुद्र स्वस्थ होकर जल्द ही शिशु गृह पहुंचेगा और आगे नियमानुसार उसे एक प्यार देने वाला सुरक्षित परिवार मिल सकेगा। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था और उसकी सांसें थम गईं।
इस दुखद घटना के बाद बाल कल्याण समिति ने आमजन से पुरजोर अपील की है कि यदि कोई परिवार विषम परिस्थितियों या मजबूरीवश नवजात का पालन-पोषण करने में असमर्थ है, तो बच्चे को झाडय़िों, नालों या किसी असुरक्षित स्थान पर फेंकने के बजाय पालना गृह में सुरक्षित छोड़ें। कम से कम सुरक्षित तरीके से छोड़ा गया बच्चा जिंदगी जीने का एक मौका जरूर पा सकता है।

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