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मोक्ष सप्तमी पर निकली पाश्र्वनाथ भगवान की भव्य मंगल रथयात्रा, सडक़ोंं पर दिखा इंद्रलोक सा नजारा
By Lokjeewan Daily - 19-08-2026

- धर्मनगरी में रचा भक्ति का नया इतिहास
- सर्व समाज के लोगों ने उत्साह से लिया भाग
भीलवाड़ा ।  सकल दिगम्बर जैन समाज एवं चातुर्मास समिति के तत्वावधान में चित्रकुट धाम में आयोजित ज्ञान गंगा महोत्सव के तहत शहर में मोक्ष सप्तमी पर भगवान श्री पाश्र्वनाथ के मोक्ष कल्याणक महोत्सव के अवसर पर भक्ति का नया इतिहास रचा गया। आचार्य श्री पुलकसागर महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में आयोजित इस महोत्सव के दौरान भीलवाड़ा की सडकों पर इंद्रलोक जैसा अलौकिक एवं भव्य नजारा नजर आया। तीन लोक के नाथ की इस विशाल मंगल रथयात्रा में सकल दिगम्बर जैन समाज सहित सर्व समाज के लोगों ने पूरे उत्साह व श्रद्धा के साथ भाग लिया। प्रात:काल शास्त्रीनगर स्थित मूलनायक पाश्र्वनाथ मंदिर में आचार्य पुलकसागर महाराज के मुखारविंद से भगवान का मस्तकाभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न हुई। इसके पश्चात श्रीजी भगवान को भव्य रथ में विराजमान कर सूर्यमहल लाया गया, जहां से गाजे-बाजे और लवाजमे के साथ विशाल रथयात्रा का शुभारंभ हुआ।
ऐरावत हाथियों पर सवार हुए इन्द्र, झांकियों ने मोहा मन
उत्तर प्रदेश के बड़ौत और बागपत से विशेष ट्रकों के माध्यम से मंगवाई गई विशेष झांकियां आयोजन का मुख्य आकर्षण रहीं। रथयात्रा में 10 हाथियों का लवाजमा आगे चल रहा था, जिसमें ऐरावत हाथी भी शामिल थे। जीव दया की भावना को ध्यान में रखते हुए आचार्यों के निर्देशानुसार इस बार जीवित हाथियों के स्थान पर जीवंत लगने वाले विशेष हाथियों की रचना का प्रयोग किया गया। रथयात्रा में सबसे आगे सौधर्म इन्द्र व इन्द्रानी बग्गियों में सवार थे। इसके अलावा, गोमटेश्वर भगवान बाहुबली की लगभग 18 फीट ऊंची विशाल जीवंत झांकी सभी के आकर्षण का केंद्र बनी रही।
विशेष पात्रों एवं पुण्यार्जकों को मिला सौभाग्य
महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक क्रियाओं के लिए पुण्यार्जक परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया:
सौधर्म इन्द्र महावीर प्रसाद बाकलीवाल, कुबेर दिलीप, प्रवीण, नवीन चौधरी, यज्ञनायक नंदलाल, सुरेश कोठारी, ईशान इन्द्र सुशील, सुनील, लोकेन्द्र जैन, सनत्कुमार इन्द्र गुलाब चंद, मनीष, नीरज शाह, माहेंद्र इन्द्र भगवती देवी, विजय अजय झांझरी परिवार ने ऐरावत हाथी पर सवार होकर शोभायात्रा में भाग लेने का सौभाग्य प्राप्त किया। इसके साथ ही, मुख्य निर्वाण लड्डू चढ़ाने का सौभाग्य महावीर चौधरी परिवार को मिला, जबकि भगवान की शांतिधारा करने का सौभाग्य गुलाब, मनीष व नीरज शाह परिवार ने प्राप्त किया। मुनि-आचार्य संघ को संघपति बनकर तीर्थ वंदना कराने का श्रेय मनीष एवं अभिषेक पाटनी परिवार को मिला।
सम्मेद शिखर की जीवंत वंदना और भक्ति का माहौल
रथयात्रा बड़ला चौराहा, राजीव गांधी सर्किल और नेताजी सुभाष मार्केट होते हुए चित्रकूटधाम पहुंची। मार्ग में विभिन्न महिला मंडलों की श्राविकाओं ने बहुरंगी धर्म ध्वजाएं, डोली, ढोल व मंजीरे हाथों में लेकर मंगल गान किए। श्रावक-श्राविकाओं ने हाथों में द्रव्य की पोटली लेकर ढोल-मंजीरों की थाप पर सम्मेद शिखर की जीवंत वंदना का जीवंत प्रदर्शन किया। चित्रकूटधाम में 40 फीट लंबी व 18 फीट ऊंची विशाल सम्मेद शिखर की मनमोहक झांकी बनाई गई थी, जहां 23 पुण्यार्जक परिवारों द्वारा भगवान पाश्र्वनाथ को 23 निर्वाण लड्डू अर्पित किए गए। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी, संयोजक मनीष शाह, सह संयोजक लोकेश अजमेरा सहित समस्त पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं सहित समाजजनों का विशेष योगदान रहा।
चातुर्मास दे रहा सकल जैन एकता का संदेश*
हम एक धर्म के अनुयायी है ओर हमारे देव एक - आचार्य पुलक सागर
आचार्य पुलकसागर महाराज ने कहा कि आज पूरा विश्व पार्श्वनाथ भगवान की भक्ति में डूबा हुआ है ओर पूरे जैन समाज में सभी अपनी-अपनी आमनाओं के अनुसार निर्वाण महोत्सव मना रहे है। भीलवा?ा का ये चातुर्मास पूरे देश में सकल जैन एकता का संदेश दे रहा है ओर बता रहा है कि हम एक धर्म के अनुयायी है ओर हमारे देव एक है। चातुर्मास के दो मुख्य कलश लाभार्थी परिवार में एक दिगम्बर तो एक श्वेताम्बर है। उसी तरह 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ निर्वाण कल्याणक पर 23 किलो का निर्वाण लड्डू च?ाने के लाभार्थी भी श्वेताम्बर जैन समाज के प्रमुख समाजसेवी महावीरसिंह चौधरी परिवार ने प्राप्त किया है। इस पूरे आयोजन में कोई दिगम्बर, श्वेताम्बर, तेरापंथी या स्थानकवासी नहीं सभी केवल मात्र जैन है। श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि ज्ञान गंगा महोत्सव के तहत 30 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10 बजे तक चित्रकूटधाम में आचार्य पुलकसागर महाराज के प्रवचन हो रहे है। शाम 7 से 8 बजे तक आनंद यात्रा एवं आरती का आयोजन किया जा रहा है जिसमें भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु शामिल होकर लाभ प्राप्त कर रहे है।

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