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खून से लिखा पत्र: हमारी सेवाएं बहाल करो मैडम, मेडिकल कॉलेज में तीसरे दिन भी धरने पर डटे नर्सिंगकर्मी
By Lokjeewan Daily - 20-08-2026

भीलवाड़ा लोकजीवन। राजमाता विजयाराजे सिंधिया मेडिकल कॉलेज में भर्ती आदेश निरस्त होने के विरोध में नर्सिंगकर्मियों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। धरने के तीसरे दिन भी समाधान न निकलने से क्षुब्ध होकर नर्सिंग कर्मियों ने कॉलेज की प्राचार्य के नाम अपने ही खून से पत्र लिखकर सेवा बहाली की गुहार लगाई है। दरअसल, मेडिकल कॉलेज में सरकार द्वारा 144 नए पदों की स्वीकृति दिए जाने के बाद पूर्व में कार्यरत प्लेसमेंट एजेंसी के 48 संविदा कर्मियों को हटा दिया गया था। 109 अभ्यर्थियों के उपस्थित होने के बाद शेष रिक्त पदों पर पूर्व में हटाए गए 48 कार्मिकों में से आवश्यकतानुसार प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। स्थानीय विधायक व प्राचार्य के स्तर पर 35 पात्र संविदाकर्मियों की सूची तैयार कर प्लेसमेंट एजेंसी को सौंपी गई तथा 30 पदों पर नियुक्ति के निर्देश दिए गए। लेकिन ठेकेदार ने 30 में से केवल 17 पुराने कार्मिकों को लिया और 13 पदों पर नए चेहरे शामिल कर लिए। विधायक के दखल के बाद कॉलेज प्रशासन ने इसे गड़बड़झाला मानते हुए जॉइनिंग से ठीक पहले 14 अगस्त को भर्ती आदेश ही निरस्त कर दिए।
दिन-रात डटे, उग्र आंदोलन की चेतावनी
आदेश निरस्त होने से आक्रोशित युवा मेडिकल कॉलेज परिसर में खुले आसमान तले रात बिताने को मजबूर हैं। पूरी-पूरी रात कॉलेज गेट पर गुजारने के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई सकारात्मक पहल न किए जाने से कर्मियों में भारी रोष है। हटाए गए कार्मिकों का कहना है कि पिछले दो माह से रोजगार छीन जाने के कारण उनके परिवारों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उधर, प्लेसमेंट एजेंसी (मेसर्स मेवाड़ सिक्योरिटी सर्विसेज, उदयपुर) के ठेकेदार हिमांशुल माथुर का तर्क है कि नए युवाओं को अवसर इसलिए दिया गया क्योंकि पुराने कर्मचारियों को बोनस अंक मिल चुके हैं। वहीं, आंदोलनकारियों ने दो-टूक चेतावनी दी है कि जब तक सेवा बहाली का लिखित आदेश जारी नहीं होता, धरना समाप्त नहीं होगा और मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
फोटो... लोकेश 7

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