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राखियों से गुलज़ार हुए बाज़ार, रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उमंग और उत्साह चरम पर
By Lokjeewan Daily - 21-08-2026

भीलवाड़ा। भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास के प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार जैसे-जैसे नज़दीक आ रहा है, बाज़ारों की रौनक देखते ही बन रही है। शहर के गली-कूचों से लेकर मुख्य बाज़ारों तक, हर तरफ रंग-बिरंगी राखियों की दुकानें और स्टॉल सज चुके हैं। बाज़ारों में बढ़ रही भीड़ और ग्राहकों का उत्साह यह साफ़ बयां कर रहा है कि इस बार रक्षाबंधन का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा। बाज़ारों में इस बार राखियों की विविधता देखते ही बन रही है। परंपरागत रेशमी धागों और कलावे वाली राखियों से लेकर, आधुनिक और ट्रेंडी राखियों का विशाल संग्रह बाज़ार में उपलब्ध है।
बच्चों के लिए कार्टून  की राखियां
बाजार में बच्चों के लिए छोटा भीम, मोटू पतलू, स्पाइडरमैन और  डोरेमोन वाली राखियों की मांग बच्चों में सबसे ज़्यादा है। इसके अलावा, रंगीन एलईडी लाइटों वाली राखियां और संगीत वाली राखियां भी ख़ूब पसंद की जा रही हैं।
महिलाओं के लिए विशेष राखियां
विवाहित बहनों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन की गई लूंबा और ब्रेसलेट वाली राखियां बाज़ार में ख़ूब मिल रही हैं। ये राखियां न केवल कलाई की शोभा बढ़ाती हैं, बल्कि एक फैशन स्टेटमेंट भी बन गई हैं।
कुछ विशेष ग्राहकों के लिए सोने और चांदी के प्लेटेड राखियां और असली रुद्राक्ष, पन्ना या मूंगा लगे हुए नवरत्न राखियों का भी अच्छा संग्रह है। यह राखियां न केवल भाई के प्रति प्रेम व्यक्त करती हैं, बल्कि एक निवेश के तौर पर भी देखी जा रही हैं। पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढऩे के कारण, बाज़ार में जूट, कपड़ों के कतरन और बीजों से बनी ईको-फ्रेंडली राखियों का भी चलन बढ़ा है, जो प्रकृति को नुक़सान नहीं पहुँचाती हैं।
व्यापारियों में उत्साह, ग्राहकों में उमंग
बाज़ारों में बढ़ रही रौनक से व्यापारी भी ख़ुश हैं। व्यापारियों के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस बार राखियों की बिक्री अच्छी होने की उम्मीद है। बाज़ार में अलग-अलग वैरायटी और डिज़ाइन की राखियां होने से ग्राहकों को भी चयन करने के कई विकल्प मिल रहे हैं। बहनें अपने भाइयों के लिए सबसे सुंदर और ख़ास राखी चुनने के लिए दुकानों पर घंटों समय बिता रही हैं। वहीं, दूर रहने वाले भाइयों को राखी भेजने के लिए डाकघरों और कूरियर सेवाओं का भी सहारा लिया जा रहा है। राखियों से सजे बाज़ार और ग्राहकों का उत्साह यह साफ़ बयां कर रहा है कि रक्षाबंधन का पर्व इस बार भी भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का प्रतीक बनकर आएगा। बाज़ारों की यह रौनक और राखियों की विविधता हमें यह याद दिलाती है कि हमारे देश में त्योहारों का कितना महत्व है और यह कैसे हमारे रिश्तों को और मज़बूत बनाते हैं।  

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