
It is recommended that you update your browser to the latest browser to view this page.
Please update to continue or install another browser.
Update Google Chromeब्रेकिंग न्यूज़
भीलवाड़ा। जब भी ऐसा प्रतीत हो कि मेरे जीवन में बहुत समस्याएं है तो अपने आसपास के लोगों की जिंदगी पर नजर डाल लेना महसूस होगा कि उनके समक्ष मेरी समस्याएं तो बहुत छोटी है ओर जो मुझे मिला हुआ है दुनिया में कई लोग तो उनसे भी वंचित है। दुनिया में लोगों का गम देखेंगे तो अपना गम भूल जाएंगे। अपने से कमजोर को देखेंगे तो अपना जीवन बहुत बेहतर लगेगा। ये विचार शहर मेेंं पहली बार चातुर्मास कर रहे राष्ट्रसंत मनोज्ञाचार्य पुलकसागर महाराज ने श्री पाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से चित्रकूटधाम में आयोजित ज्ञान गंगा महोत्सव में सोमवार को प्रवचन में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जीवन में समस्याओं से कभी नहीं हारना, जब तक जिंदगी पर पूर्ण विराम नहीं लगे कभी हार नहीं माननी चाहिए। याद रखे ये जिंदगी दुबारा नहीं मिलने वाली ओर बुरे दिनों के बाद अच्छे दिन भी आते है। जो वृक्ष पतझ? देख लेता है उसी के जीवन में सावन आता है। भगवान भी उसी की मदद करते है जो अपनी मदद खुद करना जानते है। आलस्य के पंख उखाड़ कर मजबूती की चोंच लगाओं जीवन आनंदमय बन जाएगा।
जीवन में लंबाई नहीं गहराई का महत्व होता है
आचार्य पुलकसागर महाराज ने कहा कि जिंदगी में हम कितनी लंबी जीए इससे अधिक महत्व हम कैसे जीए उसका होता है। महापुरूष हो या साधारण इंसान समय सभी के पास बराबर होता है। हम समय का उपयोग कैसे करते ये परिणाम तय करता। हर दिन 24 घंटे होते है ओर जैन धर्म में तीर्थंकर भी 24 होते है हर घंटे एक तीर्थंकर का स्मरण करे तो जीवन सफल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जिंदगी में लंबाई का नहीं गहराई का महत्व होता है। घिसट घिसट कर 100 वर्ष जीने से अच्छा भगतसिंह का जीवन है जो 23 वर्ष में पूर्ण हो गया। जिंदगी जिंदादिली के साथ जीए। जीवन को लंबे की बजाय गहरा बनाया तो जिंदगी सफल हो जाएगी।
प्रवचन से पूर्व दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं मंगलाचरण
प्रवचन के प्रारंभ में दीप प्रज्वलन एवं आचार्यश्री के पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का सौभाग्य अनिलकुमार मनीष साहिल अजमेरा परिवार ने प्राप्त किया। इनका स्वागत श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी, संयोजक मनीष शाह, सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने किया। ज्ञानवती महिला मण्डल की सदस्यों ने मंगलाचरण की प्रस्तुति दी। संचालन चातुर्मास समिति के महामंत्री जयकुमार पाटनी ने किया। महोत्सव के तहत 30 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10 बजे तक चित्रकूटधाम में प्रवचन गतिमान है। शाम 7 से 8 बजे तक आनंद यात्रा एवं आरती का आयोजन किया जा रहा है जिसमें भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु शामिल होकर लाभ प्राप्त कर रहे है।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बप्पा रावल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्प . . .
2026-08-23 16:50:01
टंकी, मोबाइल टावर या बिजली के पोल पर चढ़कर प्रदर्शन करने वालों से . . .
2026-08-23 16:38:39
ग्रामीण नहीं चाहते उनके बच्चे असंस्कारी बनें, इसलिए सीजेपी कार्यक . . .
2026-08-21 17:09:53
स्थायी लोक अदालत ने SBI बैंक की ब्रांच पर लगाया जुर्माना . . .
2026-08-23 16:32:56
राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत 6 से अधिक उद्योगों को अनुद . . .
2026-08-21 17:12:13
कॉकरोच जनता पार्टी प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनके साथियों पर जयपु . . .
2026-08-21 16:57:05