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नक्शे, डेटा और पर्ची: वार्ड पार्षद बनने के लिए हाइटेक हुई भीलवाड़ा की राजनीति
By Lokjeewan Daily - 26-08-2026

- माइक्रो-मैनेजमेंट और आधुनिक तरीकों का तडक़ा
- 70 वार्डों के लिए 1400 से अधिक दावेदार मैदान में
भीलवाड़ा लोकजीवन। नगर निगम चुनाव में टिकट पाने की होड़ केवल नेताओं के चक्कर काटने तक सीमित नहीं रही है, बल्कि अब इसमें माइक्रो-मैनेजमेंट और आधुनिक तरीकों का तडक़ा लग चुका है। 70 वार्डों के लिए दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के 1400 से अधिक दावेदारों के मैदान में उतरने से मुकाबला इतना कड़ा हो गया है कि उम्मीदवार अब पारंपरिक तरीकों को छोडक़र डेटा और मैपिंग का सहारा ले रहे हैं। कई दावेदारों ने तो अपनी सहूलियत के लिए पूरे वार्ड का अलग से डिजिटल नक्शा तक तैयार करवा लिया है ताकि एक-एक गली और मतदाता के घर की सटीक स्थिति समझी जा सके। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने या सुधार करवाने के बहाने उम्मीदवार सीधे लोगों के ड्राइंग रूम तक पहुंच रहे हैं। सुधार कराने कलेक्टर कार्यालय तक दौड़ अब दावेदारों के संपर्क अभियान का नया हथियार बन गई है। सिर्फ राजनीतिक आकाओं के भरोसे रहने के बजाय दावेदार वार्ड के प्रमुख समाज सेवियों और प्रबुद्ध लोगों की लिस्ट बनाकर उन्हें अपने पक्ष में साधने में जुटे हैं।
सामान्य सीट पर भी नारियों का दबदबा
नगर निगम चुनावी बिगुल बजते ही महिला दावेदारों ने शहर की राजनीति का पूरा समीकरण बदल दिया है। हालांकि नियमानुसार 35 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, लेकिन महापौर की कुर्सी सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित होने के कारण अनारक्षित सीटों पर भी महिलाओं की दावेदारी का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। शहर में 70 वार्डों के लिए भाजपा और कांग्रेस के 1400 से अधिक आवेदन आ चुके हैं, यानी औसतन हर सीट पर 20 दावेदार कतार में हैं। इनमें महिला दावेदारों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सामान्य सीटों से महिला नेताओं का आगे आना यह दर्शाता है कि स्थानीय राजनीति में महिलाएं अब सिर्फ कोटा पूरा करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि निर्णायक भूमिका में आ रही हैं। भाजपा के 1000 से ज्यादा और कांग्रेस के 400 से ज्यादा आवेदनों की छंटनी में महिला शक्ति का संतुलन बनाए रखना दोनों ही प्रमुख दलों के शीर्ष नेतृत्व के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी बन गया है।

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