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सावन में बेरुखी के बाद भादो में बरसे मेघ, फसलों को मिलेगा जीवनदान, किसानों के खिले चेहरे
By Lokjeewan Daily - 03-09-2026

भीलवाड़ा लोकजीवन। मानसून के प्रमुख महीने सावन में उम्मीद के मुताबिक बारिश न होने से मायूस हुए भीलवाड़ा जिले के लिए आखिरकार राहत की खबर आई है। करीब एक पखवाड़े  से ज्यादा के लंबे और शुष्क अंतराल के बाद मौसम ने मिजाज बदला और जिलेभर में बारिश का दौर शुरू हो गया। आसमान से बरसी इस राहत की बूंदों ने न केवल आमजन को गर्मी व उमस से निजात दिलाई है, बल्कि सबसे ज्यादा खुशी कृषि क्षेत्र और किसानों के चेहरे पर लौट आई है। गौरतलब है कि अगस्त माह में बारिश की बेरुखी के कारण जिले में बोई गई मुख्य खरीफ फसलों—मक्का, सोयाबीन, उड़द और मूंग पर संकट के बादल मंडराने लगे थे। खेतों में नमी खत्म हो रही थी और उड़द जैसी फसलों में पीला मोजेक बीमारी का प्रकोप भी बढऩे लगा था। सीमित संसाधनों और महंगे डीजल के कारण किसानों के लिए सिंचाई कर पाना नामुमकिन साबित हो रहा था। ऐसे में अब हुई इस बारिश ने फसलों के लिए संजीवनी (अमृत) का काम किया है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश इस समय फसलों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पौधों को दाना बनने और सही बढ़वार के लिए पर्याप्त नमी की सख्त आवश्यकता थी। इस बारिश से खेतों में नमी लौटेगी, जिससे उत्पादन में होने वाले संभावित नुकसान पर ब्रेक लगेगा और बंपर पैदावार की उम्मीदें फिर से जाग उठी हैं। बारिश के बाद जिलेभर के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। ग्रामीण इलाकों में जहां अन्नदाता खेतों की ओर खुशी-खुशी लौट पड़े हैं, वहीं शहरी क्षेत्रों में भी सडक़ें जलमग्न नजर आईं और मौसम बेहद खुशनुमा हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून की यह सक्रियता बनी रह सकती है, जिससे जल स्रोतों में भी आवक की संभावना है।

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