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जन्माष्टमी की धूम: रात 12 बजे गूंजा नंद घर आनंद भयो जय कन्हैयालाल की
By Lokjeewan Daily - 05-09-2026

- संकटमोचन और पेंच के बालाजी में उमड़ा आस्था का सैलाब
- देर रात तक मनमोहक झांकियों से कृष्णमय रही वस्त्रनगरी
भीलवाड़ा लोकजीवन। वस्त्रनगरी भीलवाड़ा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पारंपरिक श्रद्धा, भक्ति और अपार उल्लास के साथ मनाया गया। मध्यरात्रि ठीक 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्रकट होते ही पूरा शहर नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा। मंदिरों में अलौकिक सजावट, विद्युत रोशनी और मनमोहक झांकियों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।  शहर के मुख्य डाकघर के पास स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर में जन्माष्टमी पर अद्भुत धार्मिक छटा देखने को मिली। इस अवसर पर हनुमान जी महाराज को डायमंड का विशेष चोला चढ़ाया गया। मुख्य चौराहा से गोलप्याऊ तक श्रद्धालुओं की आधा किलोमीटर से भी अधिक लंबी कतारें लगी रहीं। महामंडलेश्वर बाबूगिरी जी महाराज स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे, वहीं हरिशेवाधाम के महामंडलेश्वर हंसराम जी महाराज ने भी पहुँचकर झांकियों के दर्शन किए।  यहाँ दिल्ली, आगरा और मथुरा के 20 से अधिक कारीगरों द्वारा तैयार की गई  दो दर्जन से अधिक विद्युतचालित और हवा में उड़ती झांकियां** मुख्य आकर्षण रहीं। इनमें महाभारत के प्रसंग, कालियादेह नागलीला, गोवर्धन पर्वत धारण, माखन चोरी, समुद्र मंथन, लंका दहन और भगवान नृसिंह अवतार के दृश्यों ने भक्तों का मन मोह लिया। आधी रात को महामंडलेश्वर बाबूगिरी जी महाराज ने लड्डू गोपाल का पंचामृत अभिषेक कर महाआरती की और पंजीरी तथा माखन-मिश्री का भोग लगाया।
पेंच के बालाजी मंदिर में केसर-इत्र जल की वर्षा और ढोल-धमाके से मनाया नंदोत्सव
पेंच एरिया स्थित प्रसिद्ध पेंच के बालाजी मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव पर्व अत्यंत धूमधाम और ढोल-धमाके के साथ मनाया गया। शाम 5 बजे से ही हजारों श्रद्धालुओं ने खेवा पद्धति से दर्शन शुरू किए। प्रवेश व निकास के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई थी। रात ठीक 12 बजे भगवान के जन्म के समय मंदिर प्रांगण जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इसके बाद भव्य नंदोत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं पर केसरयुक्त सुगंधित द्रव्यों, इत्र मिश्रित जल और रंग-बिरंगे पुष्पों की झमाझम वर्षा** की गई। महाआरती के बाद देर रात तक श्रद्धालुओं में महाप्रसाद का वितरण होता रहा। बजरंग मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष अनिल कुमार मानसिंहका एवं पंडित आशुतोष शर्मा ने सुचारू व्यवस्थाओं के लिए पुलिस व प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
शास्त्रीनगर श्याम मंदिर एवं अन्य धामों में भी हुए आयोजन
शहर के शास्त्रीनगर सी-सेक्टर स्थित श्री श्याम मंदिर में बाबा श्याम का श्रीनाथ जी के रूप में भव्य श्रृंगार किया गया, जबकि भोलेनाथ को महाकाल रूप में सजाया गया। यहाँ बच्चों के लिए राधा-कृष्ण बनो प्रतियोगिता और बाबा श्याम का भव्य नौका विहार आयोजित हुआ। काशीपुरी धाम स्थित श्री श्याम मंदिर में सतयुगी दरबार और चैतन्य देवियों की जीवंत झांकी सजाई गई। आर.के. कॉलोनी स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय तथा सेवी अकादमी और डॉल्फिन इंटरनेशनल स्कूल जैसे शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों ने राधा-कृष्ण का रूप धरकर पर्यावरण संरक्षण और शाकाहार की शपथ ली।
बिजौलियां सहित ग्रामीण अंचलों में भी दिखा भारी उत्साह
भीलवाड़ा शहर के साथ-साथ बिजौलिया के चारभुजा मंदिर व बांके बिहारी मंदिर, पीथास गांव के चारभुजा नाथ मंदिर तथा मांडल क्षेत्र में भी मध्यरात्रि तक भजन संध्या और पूजा-अर्चना का दौर चला। कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रमुख मार्गों और मंदिरों के बाहर पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। कुल मिलाकर जन्माष्टमी पर्व ने पूरे जिले को भक्ति, उल्लास और अध्यात्म के रंग में सरोबार कर दिया।

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