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कांग्रेस सिंबल विवाद पहुंचा हाईकोर्ट, 7 को सुनवाई
By Lokjeewan Daily - 05-09-2026


- कांग्रेस की अर्चना दुबे व जितेंद्र दरियानी ने लगाए आरओ पर आरोप
लोकजीवन न्यूज सर्विस, भीलवाड़ा
नगर निगम चुनाव के दौरान कांग्रेस के 17 अधिकृत प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न (सिंबल) स्वीकार न होने का हाई-प्रोफाइल मामला अब राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर पहुंच गया है। वार्ड 39 से कांग्रेस प्रत्याशी अर्चना दुबे द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग व अन्य के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है और प्रतिवादी पक्ष से जवाब तलब किया है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मुकेश राजपुरोहित की एकलपीठ में हुई। याचिकाकर्ता अर्चना दुबे की ओर से पक्ष रखते हुए तर्क दिया गया कि प्रत्याशी दोपहर 3 बजे की तय समय-सीमा से पहले ही रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) के समक्ष सिंबल लेकर पहुंच गए थे। इसके बावजूद आरओ ने सिंबल स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया। दूसरी ओर, निर्वाचन अधिकारियों का तर्क था कि सिंबल प्रस्तुत करने की समय-सीमा समाप्त हो चुकी थी। समय पर सिंबल जमा न होने के कारण सभी 17 प्रत्याशी चुनाव प्रक्रिया से बाहर हो गए, जिससे कांग्रेस खेमे में हडक़ंप मच गया और संगठनात्मक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हुए। न्यायमूर्ति मुकेश राजपुरोहित की एकलपीठ ने याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए मामले की अगली तिथि 7 सितंबर तय की है। अब सभी की निगाहें 7 सितंबर को होने वाली हाईकोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाई पर टिकी हैं।
खरगे, राहुल, सोनिया तक जाएंगे
उधर, कांग्रेस प्रत्याशी अर्चना दुबे व वार्ड 44 से प्रत्याशी जितेंद्र दरियानी ने आज प्रेस कान्फ्रेंस कर रिटर्निंग ऑफिसर व प्रशासन पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम के 70 वार्डों के सिंबल 31 अगस्त को दोपहर 3 बजे से पहले आरओ को दिए, पर उन्होंने 53 ही स्वीकार किए, जबकि 17 यह कहकर नहीं लिए कि समय खत्म हो गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आरओ बताए कि क्या उन पर रूलिंग पार्टी का दबाव था या कुछ और। 17 प्रत्याशियों के साथ खिलवाड़ क्यों किया? दुबे ने बताया कि इस समूचे मामले में पीसीसी जांच करवा रही है। इसके बाद कार्रवाई होगी। उन्हें उम्मीद है कि कोर्ट से न्याय मिलेगा। जरूरत पड़ी तो वे कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी तक जाएंगे और अपनी पीड़ा रखेंगे।

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