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गणेशोत्सव की रंगत: महाराष्ट्र से भीलवाड़ा पहुंचीं बप्पा की मनमोहक मूर्तियां - कारीगरों की तराश से बढ़ी भव्यता
By Lokjeewan Daily - 11-09-2026


- शहर में मुर्तियों की खरीददारी शुरू
भीलवाड़ा लोकजीवन। वस्त्रनगरी में आगामी 14 सितंबर से शुरू होने वाले गणेशोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में जबर्दस्त उत्साह देखा जा रहा है। पर्व की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए बाजार सज चुके हैं। इस बार उत्सव को खास और भव्य बनाने के लिए विशेष रूप से  महाराष्ट्र के प्रसिद्ध मूर्तिकारों द्वारा तैयार की गई भगवान गणेश की आकर्षक व कलात्मक मूर्तियां भीलवाड़ा मंगाई गई हैं। शहर के बाजार इन दिनों सिद्धि विनायक के जयकारों और भव्य प्रतिमाओं से सराबोर हैं। इस बार श्रद्धालुओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र और मुंबई की प्रसिद्ध शैली वाली बप्पा की एक से बढक़र एक प्रतिमाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन मूर्तियों की सबसे बड़ी खासियत इनकी बारीकी, भव्यता और सजीवता है। ग्राहकों की मांग के अनुसार मूर्तियों को विशेष रूप से करीने से सजाया जा रहा है। इसके लिए बाहर से आए विशेष कारीगर दिन-रात मेहनत कर मूर्तियों में रंग भरने और शृंगार करने में जुटे हुए हैं। दुकान पर पहुंच रहे भक्त अपनी पसंद और आस्था के अनुसार मूर्तियों की बुकिंग करा रहे हैं।  14 सितंबर को गणपति स्थापना के साथ ही दसों दिशाएं बप्पा के स्वागत में गूंज उठेंगी। गणेश पंडालों से लेकर घर-घर तक प्रथम पूज्य की अगवानी के लिए भीलवाड़ा शहर पूरी तरह तैयार है और बाजारों की इस चहल-पहल से उत्सव की उमंग दोगुनी हो गई है।  खास बात यह है कि इस बार गणेश महोत्सव 12 दिन तक चलेगा और 25 सितम्बर को अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। पंचांग की घटी-पल गणना के अनुसार 14 सितम्बर सोमवार को सुबह 7.07 बजे तक तृतीया तिथि रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि का शुभारंभ होगा, जो अगले दिन 15 सितम्बर मंगलवार को प्रात: 7.45 बजे तक रहेगी। भगवान गणेश का जन्मोत्सव मध्याह्न काल में मान्य होने के कारण 14 सितम्बर को ही गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा। शास्त्रोक्त गणेश पूजन के लिए वृश्चिक लग्न सहित श्रेष्ठ समय सुबह 11.13 से दोपहर 1.29 बजे तक रहेगा। वहीं चौघडिय़ा के अनुसार सुबह 9.30 से 11.02 बजे तक शुभ तथा दोपहर 2.05 से शाम 6.40 बजे तक चंचल, लाभ और अमृत वेला में पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा। गणेशोत्सव के इन 12 दिनों में श्रद्धालु भगवान गणेश की विशेष आराधना कर सकेंगे। कामना सिद्धि के लिए प्रतिदिन श्री गणेश चालीसा का पाठ, ओम गं गणपतये नम मंत्र का जाप, श्री गणेश सहस्रनामावली और श्री गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करने के साथ भगवान गणेश को लड्डू और दूर्वा अर्पित करना शुभ माना गया है।
त्योहारों के साथ धार्मिक आयोजनों का सिलसिला
सितम्बर के इस पक्ष में गणेश चतुर्थी के साथ कई प्रमुख पर्व और धार्मिक आयोजन होंगे। 13 सितम्बर को बलराम जयंती, वराह जयंती और हरितालिका तीज मनाई जाएगी। 14 को गणेश चतुर्थी, 15 को ऋषि पंचमी के साथ जैन समाज का क्षमापना दिवस रहेगा। 16 सितम्बर से दिगम्बर जैन समाज का पर्युषण पर्व प्रारंभ होगा। 17 को विश्वकर्मा जयंती और 18 से श्री महालक्ष्मी व्रत शुरू होंगे। 19 को दधीचि जयंती और राधा अष्टमी, 20 को श्री चन्द्र नवमी व अदुख नवमी मनाई जाएगी।  21 सितम्बर को तेजा दशमी के दिन भीलवाड़ा मेयर का चुनाव होगा, जबकि 22 सितम्बर को जलझूलनी एकादशी पर उपमहापौर का चुनाव होगा। 23 सितम्बर को वामन जयंती, 24 सितम्बर को हस्ति मुनि मेवाड़ी की पूज्य तिथि और 25 सितम्बर को अनंत चतुर्दशी मनाई जाएगी। इसके बाद 26 सितम्बर से पितृ पक्ष यानी श्राद्ध पक्ष शुरू होगा, जो 10 अक्टूबर तक चलेगा।

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