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शाहपुरा में सुदर्शनपुरा का मुख्य एनिकट टूटे एक महीना बीता, आधा दर्जन गांवों का संपर्क टूटा
By Lokjeewan Daily - 12-09-2026

- 2 किमी की दूरी तय करने के लिए 10 किमी का लंबा चक्कर
- खेती-किसानी ठप, ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
भीलवाड़ा लोकजीवन। शाहपुरा की ग्राम पंचायत सरदारपुरा स्थित सुदर्शनपुरा का मुख्य एनिकट टूट जाने से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। एनिकट को ध्वस्त हुए पूरा एक महीना बीत चुका है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर मरम्मत का कार्य शुरू न होने से आधा दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क कट गया है। जिम्मेदार अधिकारियों की इस बेरुखी और मौन रवैये से स्थानीय ग्रामीणों व किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। एनिकट के बह जाने से किसानों का अपने ही खेतों तक पहुंचना चुनौती बन गया है। जिस रास्ते से ग्रामीण महज 2 किलोमीटर का सफर तय कर खेतों और नजदीकी गांवों तक पहुंचते थे, अब उन्हें अरनिया घोड़ा होकर 10 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इस 8 किलोमीटर के अतिरिक्त सफर के कारण ग्रामीणों का समय तो बर्बाद हो ही रहा है, साथ ही आर्थिक रूप से ईंधन और परिवहन का अतिरिक्त बोझ भी झेलना पड़ रहा है।
अस्पताल, स्कूल और तहसील मुख्यालय का रास्ता बंद
यह मार्ग केवल कृषि कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरदारपुरा पंचायत मुख्यालय को सुदर्शनपुरा, सांखलिया और श्रीनगर जैसे प्रमुख गांवों से जोड़ता है। इसके अतिरिक्त, कनेचन कलां के ग्रामीणों के लिए शाहपुरा तहसील मुख्यालय पहुंचने का यह सबसे सीधा और मुख्य मार्ग था। रास्ता बंद होने के कारण दैनिक यात्रियों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और आपातकालीन स्थिति में मरीजों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासनिक अनदेखी से बढ़ा आक्रोश, प्रदर्शन की तैयारी
स्थानीय निवासियों ने बताया कि एनिकट टूटने के तुरंत बाद ही संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर समस्या से अवगत करा दिया गया था। इसके बावजूद एक माह बाद भी धरातल पर कोई कार्य शुरू नहीं हुआ। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द से जल्द एनिकट की मरम्मत करवाकर आवागमन बहाल नहीं किया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन करने और तहसील मुख्यालय का घेराव कर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इस दौरान दलीचन्द गुर्जर, रोडू माली, जगदीश माली, किशन माली, रामस्वरूप कुमावत, हंसराज गुर्जर और परमेश्वर बैरवा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और प्रशासन से तुरंत राहत की मांग की।

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