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मुंह के छाले को न समझें मामूली, लापरवाही से बढ़ रहा कैंसर का खतरा
By Lokjeewan Daily - 12-09-2026


- देरी से इलाज कराने पहुंच रहे 60 प्रतिशत मरीज
- 70 प्रतिशत मरीजों का इतिहास तंबाकू से जुड़ा
भीलवाड़ा लोकजीवन। अगर आपके मुंह में लगातार दो सप्ताह से अधिक समय से छाला है या मुंह पूरा खोलने में तकलीफ हो रही है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज करने की भूल न करें। यह मुंह के कैंसर की शुरुआती दस्तक हो सकती है। जिले में तंबाकू, गुटखा और पान-मसाले का बढ़ता सेवन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को न्योता दे रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जागरूकता की कमी के कारण भीलवाड़ा में कैंसर के अधिकांश मरीज जांच से पहले ही एडवांस स्टेज में अस्पताल पहुंच रहे हैं। महात्मा गांधी अस्पताल की ओपीडी रिपोर्ट की माने तो अनुसार, मुंह के संक्रमण और छालों की समस्या से पीडि़त करीब 70 प्रतिशत  मरीजों का इतिहास तंबाकू या गुटखा सेवन से जुड़ा पाया गया है। डेंटल और कैंसर ओपीडी में हर महीने मुंह में घाव, सफेदी (ल्यूकोप्लेकिया) और कैंसर से संबंधित 150 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। औसतन हर महीने 20 से 25 संदिग्ध मरीजों की बायोप्सी कराई जा रही है, जिनमें कुछ मरीजों में मुंह के कैंसर की पुष्टि हो रही है। पहले जहां 50 वर्ष से अधिक उम्र में यह रोग देखा जाता था, वहीं अब 25 से 40 वर्ष के युवाओं में भी मुंह के कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। एडवांस स्टेज (थर्ड और फोर्थ स्टेज) में पहुंचने वाले करीब 60 प्रतिशत मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार के लिए जयपुर या उदयपुर कैंसर सेंटर रेफर करना पड़ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि  मुंह के अंदर कोई भी ऐसा घाव या छाला जिसमें दर्द न हो रहा हो, लेकिन वह ठीक न हो रहा हो,  कैंसर का पहला मुख्य संकेत है। इसके अलावा जीभ पर सफेदी या लाल धब्बे बनना भी शुरुआती लक्षण हैं।  सामान्य छाला 7 से 10 दिन में ठीक हो जाता है। यदि कोई छाला 2 सप्ताह से अधिक समय तक रहे, कठोर महसूस हो और उससे खून निकले, तो वह बेहद खतरनाक है।  तंबाकू या गुटखा छोडऩे के 1 से 2 साल के भीतर जोखिम आधा हो जाता है। 5 से 10 वर्षों के भीतर व्यक्ति का जोखिम एक सामान्य गैर-तंबाकू सेवन करने वाले व्यक्ति के बराबर आ जाता है। गुटखा, खैनी और सिगरेट के बढ़ते रुझान के कारण 30 साल से कम उम्र के युवाओं में भी ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस (मुंह का कम खुलना) और कैंसर के केस तेजी से सामने आ रहे हैं। एमजीएच के नाक, कान, गला एवं मुख कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. ओपी शर्मा ने बताया कि 2 सप्ताह से ज्यादा समय तक रहने वाला छाला या घाव। मुंह के अंदर, जीभ या मसूड़ों पर सफेद या लाल धब्बे (दाग) बनना। मुंह पूरा खोलने, चबाने या बोलने में परेशानी होना। खाना निगलने या गले में कुछ अटकने जैसा दर्द महसूस होना। मुंह के किसी हिस्से से बिना वजह लगातार खून आना या सुन्नपन रहना यह कैंसर के लक्षण है। तुरंत चिकित्सक को दिखाकर समय पर इलाज कराना जरूरी है।

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