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गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंजी वस्त्रनगरी, हुई प्रतिमाएं स्थापित
By Lokjeewan Daily - 14-09-2026

- अपनाघर वृद्धाआश्रम से 500 गणपति प्रतिमा हुई वितरित
-  पांच जिलों में धूमधाम से पहुंची गणपति प्रतिमाएं
भीलवाड़ा लोकजीवन। सिद्धि विनायक भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव का पावन पर्व गणेश चतुर्थी सोमवार को शहर सहित जिलेभर में अपार श्रद्धा, उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया और एक दो तीन चार, गणपति की जय-जयकार के गगनभेदी जयकारों से वस्त्रनगरी का कोना-कोना गूंज उठा। शुभ मुहूर्त में ढोल-नगाड़ों, ताशों, झांझ-मंजीरों की थाप और अबीर-गुलाल की उड़ती रंगत के बीच विघ्नहर्ता को पंडालों और घरों में विराजमान किया गया। शहर में दर्जनों प्रमुख स्थानों पर भव्य पूजा पंडाल सजाए गए हैं, जहां अगले दस दिनों तक ऋद्धि-सिद्धि के दाता की विशेष आराधना की जाएगी। सुबह से ही शहर के पुर रोड़ समेत कई बाज़ारों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लालबाग के राजा, बाल गणेश और विविध मनमोहक रूपों में सजी गजानन की मूर्तियों को लेने के लिए भक्तों में अलग ही उत्साह नजर आया। ढोल-ताशों और नगाड़ों की गूंज के साथ गाजे-बाजे से बप्पा को रथों, ट्रैक्टरों और दुपहिया वाहनों में ससम्मान लाया गया। इस दौरान युवाओं और महिलाओं की टोलियां भजनों व ढोल की थाप पर जमकर थिरकीं। जगह-जगह बप्पा पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रतिमाओं की स्थापना की गई। शहर के  दर्जनों छोटे-बड़े चौराहों और कॉलोनियों में आकर्षक पंडाल बनाए गए हैं। कई स्थानों पर कोलकाता व दक्षिण भारतीय शैली के भव्य वाटरप्रूफ पंडाल और विद्युत सज्जा की गई है, जो आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। शाम होते ही सभी पंडाल दूधिया रोशनी से नहाएंगे और प्रथम पूज्य की महाआरती में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा। सार्वजनिक आयोजनों के साथ-साथ शहर के घर-घर में भी आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने अपने आशियानों में मिट्टी के छोटे गणपति की प्रतिमाएं स्थापित कीं। धूप-दीप, मोदक, दुर्वा और लड्डू का भोग लगाकर सुख-समृद्धि की कामना की गई। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी बप्पा की भक्ति में लीन नजर आए। गणेश चतुर्थी के इस महापर्व ने समूचे भीलवाड़ा को धर्ममय और उत्सवमयी माहौल में सराबोर कर दिया है।

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