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भीलवाड़ा लोकजीवन। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने राष्ट्रीय संत आचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज से शिष्टाचार भेंट की। दोनों दिग्गजों के बीच लगभग 45 मिनट तक गहन चर्चा हुई। इस मुलाकात के बाद आचार्य पुलक सागर जी महाराज ने बताया कि मोहन भागवत जी से उनकी अनौपचारिक वार्ताएं अक्सर होती रहती हैं, हालांकि इस बार कुछ लंबा अंतराल आ गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुलाकात पूर्णत: राजनीति से दूर रही और इसका मुख्य उद्देश्य समाज में शांति, सौहार्द और सामाजिक समरसता स्थापित करना था। आचार्य श्री ने कहा हमारा और उनका उद्देश्य एक ही है—समाज में शांति हो, लोग जातिवाद से ऊपर उठें और राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दें। आचार्य श्री ने बताया कि वार्ता के दौरान हाल ही में यूजीसी से जुड़े विषयों और समाज में सवर्ण व पिछड़े वर्ग के बीच बन रहे आक्रोश पर भी चर्चा हुई। आचार्य श्री ने बताया कि जब उन्होंने समाज में विघटन और आक्रोश को लेकर चिंता जताई, तो संघ प्रमुख ने आश्वस्त किया कि यह केवल एक प्रस्ताव के स्तर पर चर्चा में आया था, कोई कानून नहीं बना है। समाज को किसी भी सूरत में विभाजित नहीं होने दिया जाएगा।
पुस्तक एक और मुक्तिदूत का हुआ विमोचन
इस मुलाकात के दौरान आचार्य पुलक सागर जी महाराज के जीवन पर आधारित पुस्तक एक और मुक्तिदूत का विमोचन भी संघ प्रमुख मोहन भागवत जी के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। यह पुस्तक आचार्य श्री के अनन्य भक्त सरोज शाह द्वारा लिखी गई है, जिसमें आचार्य श्री के जीवन वृत्त और संदेशों को संकलित किया गया है। आचार्य श्री ने उन्हें साहित्य भी भेंट किया।
जनसंख्या एवं सामाजिक अस्तित्व पर आचार्य श्री का संदेश
जनसंख्या और संतानों के संदर्भ में आचार्य श्री ने कहा कि समय की कमी के कारण इस विषय पर अधिक चर्चा नहीं हो सकी, लेकिन उन्होंने अपना मत स्पष्ट करते हुए कहा कि अपनी समाज, समूह और बिरादरी का अस्तित्व बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। यदि अन्य वर्ग बहुसंख्यक होते चले गए और हम अल्पसंख्यक रह गए, तो संतुलन बिगड़ जाएगा। इसके लिए समाज के लोगों को स्वयं जागरूक होकर विचार करना होगा। राष्ट्रीय संत आचार्य पुलक सागर जी महाराज और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की इस 45 मिनट की मुलाकात को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और जातिगत सद्भाव की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। उधर मोहन भागवत के बंद कमरे में महाराज श्री से चर्चा के दौरान आचार्य पुलक सागर चातुर्मास समिति अध्यक्ष प्रवीण चौधरी, आरएसएस के अरुण जैन, निंबाराम भाई, मुरलीधर भाई मौजूद रहे। भागवत के आगमन पर प्रवीण चौधरी, सुभाष जैन, त्रिलोकचंद छाबड़ा, मनीष कुमार जैन, लोकेश कुमार अजमेरा, जयकुमार पाटनी, अनिल जैन, सुरेश कुमार जैन, प्रेमचंद जैन, कमल चंद जैन, लोकेंद्र कुमार जैन, शांतिलाल जैन, अतुल कुमार जैन ने स्वागत किया।
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