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सुमन ओझा, वार्ड 60
लोकसभा सचेतक एवं सांसद दामोदर अग्रवाल के भरोसेमंद भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री व शहर मंडल अध्यक्ष रह चुके राकेश ओझा की भाभी हैं सुमन ओझा। पूर्व महापौर राकेश पाठक की भी रिश्तेदारी है। ब्राह्मण वर्ग से हैं। भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं चित्तौडग़ढ़ सांसद सीपी जोशी की भी अप्रोच है। सांसद अग्रवाल की चली तो वे महापौर बन सकती हैं।
ममता बाहेती, वार्ड 30
संघ एवं विचार परिवार से जुड़े सुभाष बाहेती की पत्नी हैं ममता बाहेती। विधायक अशोक कोठारी के खेमे से हैं। माहेश्वरी वर्ग से हैं। यदि कोठारी की चलती है तो इस गुट से वे प्रबल दावेदार हैं।
पूर्णिमा जैन, वार्ड 61
भाजपा के पूर्व जिला प्रवक्ता विजय पोखरना की पत्नी पूर्णिमा जैन हैं। पोखरना पूर्व सांसद सुभाष बहेडिय़ा व पूर्व विधायक विठ्ठलशंकर अवस्थी के करीबी मेें हैं। पोखरना को भाजपा के बड़े नेताओं एवं संघ का भी समर्थन है। राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से भी उनके अच्छे संबंध हैं। अगर बहेडिय़ा-अवस्थी की चली तो पूर्णिमा जैन महापौर की प्रबल दावेदार होंगी।
नेहा जोशी, वार्ड 33
भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष कुलदीप जोशी की पत्नी नेहा जोशी दूसरी बार पार्षद बनी हैं। ब्राह्मण वर्ग से हैं। पूर्व विधायक अवस्थी के खेमे से हैं। जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा का समर्थन भी मिल सकता है, क्योंकि कुलदीप उनकी टीम में हैं।
चंदा त्रिपाठी, वार्ड 59
भाजपा के जिला महामंत्री व पूर्व पार्षद प्रहलाद त्रिपाठी की पत्नी चंदा त्रिपाठी भी मजबूत दावेदार मानी जा रही है। वे कुछ समय पूर्व ही राजकीय सेवा से रिटायर हुई थी। जब सांसद अग्रवाल और विधायक कोठारी के नाम पर ऐतराज हुआ तो संगठन की ओर से इस नाम पर भी विचार हो सकता है। त्रिपाठी ब्राह्मण वर्ग से हैं।
प्रेम देवी खोईवाल, वार्ड 48
भाजपा शास्त्री मंडल अध्यक्ष रमेश चंद्र खोईवाल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महानगर संघचालक कैलाश खोईवाल के परिवार से है। दोनों ही पति-पत्नी इस चुनाव में पार्षद चुने गए। रमेश खोईवाल ने कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष शिवराम खटीक की पत्नी समदूदेवी खटीक को हराया। खोईवाल के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के करीबी हैं। यदि सामान्य वर्ग के नामों पर पेंच फंसा तो ये नाम भी हो सकता है।
खुशबू गुसाई, वार्ड 29
भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी के वार्ड काशीपुरी से चुनाव जीती। ऐसे में यदि कोठारी अपने वार्ड से बनाना चाहें और उनकी चल जाए तो खुशबू भी हो सकती हैं।
आभा लढ़ा, वार्ड 34
पूर्व सांसद सुभाष बाहेडिय़ा के करीबी निवर्तमान पार्षद विजय लढ़ा की पत्नी आभा लढ़ा माहेश्वरी वर्ग से हैं। यदि सब नेता बाहेती के नाम पर राजी न हों और माहेश्वरी को बनाना हो तो पूर्व विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी भी समर्थन दे सकते हैं।
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