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मन से क्रोध और कषाय मिटें तो हर दिन पर्व - राष्ट्रसंत पुलकसागर जी
By Lokjeewan Daily - 16-09-2026

- शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में गूंजे प्रभु जयकारे
- दशलक्षण महापर्व का विधिविधान से आगाज
भीलवाड़ा लोकजीवन। शास्त्रीनगर स्थित श्री पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में चातुर्मास कर रहे राष्ट्रसंत मनोज्ञाचार्य पुलकसागरजी महाराज के पावन सानिध्य में 10 दिवसीय दशलक्षण (पर्युषण) महापर्व तथा पाप नाशनम् शिविर का भव्य शुभारंभ बुधवार को हुआ। महापर्व के प्रथम दिन उत्तम क्षमा धर्म की विशेष आराधना की गई। इस पावन अवसर पर 600 से अधिक पंजीकृत श्रावक-श्राविकाओं सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्यार्जन किया। धर्मसभा को संबोधित करते हुए पूज्य आचार्य पुलकसागर महाराज ने कहा कि दशलक्षण पर्व आत्मा और मन के मैल को धोकर शुद्ध करने का स्वर्णिम अवसर है। जीवन में क्रोध व कषाय का त्याग कर क्षमा, करुणा और मानवता के भावों को जागृत करना ही वास्तविक धर्म है। अहिंसा के मूल में क्षमा का सर्वोच्च स्थान है। जब मनुष्य अपने भीतर से ईर्ष्या व आवेश को समाप्त कर देता है, तब उसका जीवन स्वयं धर्ममय हो जाता है।
पालकी यात्रा, भव्य अभिषेक व शांतिधारा
प्रात:काल पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से मूल नायक भगवान पाश्र्वनाथ की प्रतिमा को भव्य पालकी यात्रा के साथ सूर्य महल ले जाया गया। जहां मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने प्रभु का अभिषेक व शांतिधारा की। चक्रवर्ती बनकर प्रथम अभिषेक का सौभाग्य राजेश  जैन (गया वाले) को प्राप्त हुआ, जबकि शांतिधारा का पुण्य पदमचंद  व गुणमाला पाटनी (जयपुर) ने अर्जित किया। दोपहर में आयोजित धर्म तत्व चर्चा सत्र में आचार्यश्री ने श्रावकों को पूजन-अर्चन की विधि तथा उसके आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराया।
शाम को होगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं महाआरती
संध्या समय प्रतिक्रमण के पश्चात मध्य प्रदेश के भिंड से पधारे कलाकारों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।  इसके उपरांत महाआरती का सौभाग्य सोमेश  व वत्सल (ठग परिवार) प्राप्त करेंगे। इस धार्मिक अनुष्ठान में चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी, संयोजक मनीष शाह, सुभाष जैन, त्रिलोकचंद छाबड़ा, मनीष कुमार जैन, लोकेश कुमार अजमेरा, जयकुमार पाटनी, अनिल जैन, सुरेश कुमार जैन, प्रेमचंद जैन, कमल चंद जैन, लोकेंद्र कुमार जैन, शांतिलाल जैन व अतुल कुमार जैन सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समिति के अनुसार महापर्व का समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर होगा तथा 27 सितंबर को भव्य क्षमावाणी पर्व मनाया जाएगा।

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