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सूर्य महल में दशलक्षण महापर्व के दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म की भक्तिभाव से हुई आराधना
By Lokjeewan Daily - 17-09-2026

भीलवाड़ा लोकजीवन। श्री पाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा आयोजित दशलक्षण (पर्युषण) महापर्व के दूसरे दिन गुरुवार को शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में ‘उत्तम मार्दव धर्म’ की विशेष आराधना एवं पूजन विधि-विधान से संपन्न हुआ।
राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य श्री पुलकसागरजी महाराज संसघ के पावन सानिध्य में शहर में पहली बार आयोजित हो रहे इस ऐतिहासिक चातुर्मास के दौरान सूर्यमहल में भक्ति का अलौकिक वातावरण बना हुआ है। पाप नाशनम् शिविर में 600 से अधिक श्रावक-श्राविकाएं पूरे नियम व निष्ठा के साथ पर्युषण पर्व की धर्म आराधना कर रहे हैं। उत्तम मार्दव धर्म की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए आचार्यश्री पुलकसागरजी महाराज ने अपने संदेश में फरमाया कि मान, घमंड और अहंकार का त्याग कर स्वभाव में नम्रता और कोमलता लाना ही उत्तम मार्दव धर्म है। अहंकार मनुष्य के विवेक को नष्ट कर देता है, जबकि नम्रता व्यक्ति को महान बनाती है। सच्चा धर्म वही है जो आत्मा को मृदु (कोमल) बनाए और दूसरों के प्रति आदर व विनय का भाव जगाए। दूसरे दिन प्रभु पाश्र्वनाथ के प्रथम अभिषेक का चक्रवर्ती बनने का परम सौभाग्य पारस  - खुशबू  जैन (इंदौर) ने प्राप्त किया। भगवान श्रीजी की पवित्र शांतिधारा करने का सौभाग्य श्रीश- मंजू जैन (इंदौर) को मिला। संध्याकालीन महाआरती दीप प्रज्वलन का सौभाग्य मंजू देवी, दिलीप, प्रवीण  एवं नवीन चौधरी (भीलवाड़ा) परिवार को प्राप्त हुआ। श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी, संयोजक मनीष शाह एवं सह-संयोजक लोकेश अजमेरा ने बताया कि 25 सितम्बर अनंत चतुर्दशी तक चलने वाले इस दस दिवसीय आयोजन में  सुबह 05.30 से 06.30 बजे: योग, ध्यान एवं आचार्य भक्ति, प्रात: 7 बजे से भगवान का भव्य अभिषेक, शांतिधारा एवं दशलक्षण धर्म पूजन, प्रात: 09.15 से 10.15 बजे: तकआचार्यश्री पुलकसागरजी महाराज के ओजस्वी प्रवचन एवं तदुपरान्त आहारचर्या
अपराह्न 4 बजे से धार्मिक कक्षाएं, सायं 05.30 से 06.30 बजे तक आत्म-विशोधन हेतु प्रतिक्रमण एवं ध्यान साधना, सायं 06.30 बजे से महाआरती एवं तत्पश्चात भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम और
दशलक्षण पर्व की पूर्णता पर 27 सितम्बर को भव्य सामूहिक क्षमावाणी पर्व का आयोजन किया जाएगा।

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