It is recommended that you update your browser to the latest browser to view this page.

Please update to continue or install another browser.

Update Google Chrome

जलझूलनी एकादशी पर कोटड़ी श्याम का महाजलझूलन महोत्सव कल
By Lokjeewan Daily - 21-09-2026


-  ठाठ-बाठ से निकलेगी बेवाण यात्रा, उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़,  ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर पैदल कोटड़ी पहुंच रहे भक्त
भीलवाड़ा लोकजीवन जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कोटड़ी धाम स्थित भगवान श्री चारभुजा नाथ (कोटड़ी श्याम) के दरबार में जलझूलनी  एकादशी पर जिले का सबसे बड़ा जलझूलन महोत्सव आयोजित होगा। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहने वाले कोटड़ी श्याम मंदिर से भगवान की भव्य बेवाण शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसके लिए पूरा कोटड़ी कस्बा दुल्हन की तरह सजाया गया है। जलझूलनी एकादशी की पूर्व संध्या से ही भीलवाड़ा शहर सहित जिलेभर से हजारों श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर जयकारे लगाते हुए पैदल कोटड़ी धाम पहुंचने लगे हैं। कोटड़ी मार्ग पर जगह-जगह लंगर व सेवा शिविर लगाए गए हैं। मेले की सबसे अनूठी धार्मिक परंपरा के तहत एकादशी के दिन भगवान कोटड़ी श्याम भक्तों के कंधों पर सवार होकर भव्य बेवाण  में नगर भ्रमण पर निकलते हैं। इस दौरान करीब 19 घंटे तक भगवान नीज मंदिर से बाहर रहते हैं और मंदिर में शालिग्राम जी महाराज सिंहासन की जिम्मेदारी संभालते हैं। दोपहर बाद गाजे-बाजे, अखाड़ों के हैरतअंगेज प्रदर्शन और लाल गुलाल की बौछार के बीच ठाकुरजी की यात्रा नगर भ्रमण करती हुई सरोवर तट पर पहुंचेगी। वहां वैदिक मंत्रोच्चार व शंखध्वनि के बीच चारभुजानाथ के बाल स्वरूप को पंचामृत स्नान व जलविहार कराया जाएगा। जलविहार के बाद महाआरती होगी और श्रद्धालुओं में प्रसादी बांटी जाएगी।
नोगांवा सांवरिया सेठ मंदिर में जलझूलनी एकादशी पर लगेगा मेला
 माधव गौशाला स्थित श्री सांवरिया सेठ मंदिर में 22 सितंबर को जलझूलनी एकादशी के अवसर पर भव्य मेला एवं जलविहार महोत्सव आयोजित किया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष गोविंद प्रसाद सोडानी के अनुसार दोपहर 2.30 बजे सांवरिया सेठ की प्रतिमा को पारंपरिक वेशभूषा में बेवाण में विराजमान कर नौगांवा तालाब ले जाया जाएगा। शोभायात्रा में नौगांवा के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर एवं श्री चारभुजा जी मंदिर के बेवाण भी शामिल होंगे।  नौगांवा तालाब पर जलविहार, आरती एवं प्रसाद वितरण के बाद मंदिर में गंगा-बनारस की तर्ज पर महाआरती होगी। इस अवसर पर मंदिर परिसर को वृंदावन की तर्ज पर सजाया जाएगा तथा फूल बंगले की झांकी आकर्षण का केंद्र रहेगी।  सुबह से दुग्धाभिषेक, हवन एवं भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क फलाहार की व्यवस्था रहेगी। मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए मिट्टी की मूर्तियां बनाने और कार चलाने जैसी गतिविधियों के डोम लगाए जाएंगे। मंदिर ट्रस्ट की ओर से भीलवाड़ा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले पदयात्रियों का अभिनंदन किया जाएगा।
शहर में पुराना शहर बड़ा मंदिर में भी आयोजन
कोटड़ी धाम के अलावा भीलवाड़ा शहर में भी जलझूलनी एकादशी को लेकर उत्साह है।  शहर में श्रीराम मंदिर सुभाष नगर से तीन किलोमीटर की प्रतीकात्मक पदयात्रा निकलकर पुराना शहर स्थित चारभुजा नाथ बड़ा मंदिर पहुंचेगी, जहां शिखर पर ध्वजा चढ़ाई जाएगी।  कोटड़ी मेले व पदयात्राओं के विशाल जनसैलाब को देखते हुए जिला व पुलिस प्रशासन ने भीलवाड़ा-कोटड़ी मार्ग पर यातायात में बदलाव कर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई है। सरोवर घाटों पर गोताखोर व सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

अन्य सम्बंधित खबरे