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वादे के भंवर में अटकी मासूम विष्णु की जिंदगी, 2 साल बीते, नहीं मिली इलाज की मदद
By Lokjeewan Daily - 21-09-2026

- मानसिंहपुरा के कक्षा 8 के छात्र विष्णु की बेबसी
-  5 साल से  पैरों पर खड़ा होने के लिए संघर्षरत
भीलवाड़ा लोकजीवन।  जिस उम्र में बच्चे खेलकूद और मौज-मस्ती में व्यस्त रहते हैं, उस उम्र में कक्षा 8 में पढऩे वाला मासूम विष्णु गुर्जर अपने पैरों पर खड़े होने के लिए रोजाना संघर्ष कर रहा है। मोखुंदा क्षेत्र के मानसिंहपुरा गांव निवासी विष्णु पिछले करीब पांच सालों से पैरालिसिस (लकवा) की गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। परिवार का आरोप है कि करीब दो साल पहले स्थानीय विधायक द्वारा इलाज में हर संभव आर्थिक और चिकित्सीय मदद का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी आज तक वह सरकारी या व्यक्तिगत मदद मासूम तक नहीं पहुंच सकी है।
कमजोर आर्थिक स्थिति बनी रोड़ा, बढ़ा कर्ज का बोझ
विष्णु के परिजनों के अनुसार, परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। इसके बावजूद उन्होंने मासूम के इलाज में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी और अपनी क्षमता से बढक़र प्रयास किए। डॉक्टरों की फीस, दवाइयों और निरंतर चलने वाली थेरेपी का खर्च लगातार बढ़ता गया, जिससे परिवार की परेशानियां और आर्थिक तंगी चरम पर पहुंच गई। अब परिजन बेबस होकर उसी दो साल पुराने वादे और सरकारी सहायता का इंतजार कर रहे हैं, जो केवल आश्वासन बनकर रह गया है।
पढ़ाई का जज्बा कायम, पर भविष्य को लेकर चिंतित परिजन
गंभीर बीमारी और चलने-फिरने में असमर्थ होने के बावजूद विष्णु की हिम्मत नहीं टूटी है। वह अपने पैरों के सहारे के बिना भी पढ़ाई जारी रखने की पूरी कोशिश कर रहा है। हालांकि, रोजमर्रा के कामों और उठने-बैठने के लिए उसे दूसरों के सहारे की जरूरत पड़ती है। विष्णु के परिजनों को सिर्फ आज की नहीं, बल्कि उसके आने वाले भविष्य की गहरी चिंता सता रही है। परिजनों ने प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है कि कागजी आश्वासनों से इतर अब धरातल पर ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि इस मासूम को नया जीवन और बेहतर इलाज मिल सके।

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