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यमुना एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा: स्लीपर बस में लगी आग, 9 यात्री जिंदा जले
By Lokjeewan Daily - 24-09-2026

- पूर्व के हादसों से भीलवाड़ा ने लिया सबक
- दो माह से जारी है बसों की सघन चेकिंग
भीलवाड़ा लोकजीवन।  दिल्ली से महोबा जा रही राज कल्पना ट्रेवल्स की एक एसी स्लीपर बस में बुधवार देर रात यमुना एक्सप्रेस-वे पर जेवर एयरपोर्ट के पास अचानक भीषण आग लग गई। इस भयानक हादसे में 9 यात्रियों  8 पुरुष और 1 महिला की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक यात्री झुलस गए। प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण एसी में शॉर्ट सर्किट होना बताया गया है। हादसे के समय बस में 35 यात्री सवार थे, जिनमें से अधिकांश सो रहे थे। धुएं की गंध आने पर यात्रियों द्वारा विरोध जताने के बावजूद चालक और कंडक्टर बेफिक्र होकर बीड़ी-सिगरेट पीते रहे। आग फैलने पर यात्रियों ने खिड़कियों के शीशे तोडक़र कूदकर जान बचाई। पुलिस ने आरोपी चालक पवन और कंडक्टर योगेश को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में बस के 19 चालान बकाया और मानक ऊंचाई  3.8 मीटर के बजाय 4.1 मीटर अधिक पाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
हादसों को रोकने  जारी है रात्रि चेकिंग अभियान
यमुना एक्सप्रेस-वे जैसी दुर्घटनाएं सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण होती हैं।  भीलवाड़ा जिले में इस प्रकार के हादसों को रोकने के लिए प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पहले से ही सतर्क हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण  की सचिव रश्मि आर्य के नेतृत्व में भीलवाड़ा में नियमित रूप से रात्रि के समय निजी ट्रेवल्स बसों का सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासनिक टीम देर रात शहर के मुख्य बस स्टैंडों, बाईपास और राष्ट्रीय राजमार्गों पर औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था परख रही है।
जांच के दौरान इन मानकों पर रहता है मुख्य फोकस
बसों में कार्यरत स्थिति में फायर एक्सटिंग्विशर मौजूद हैं या नहीं। आपातकालीन खिड़कियां, दरवाजे और शीशा तोडऩे वाले हैमर की उपलब्धता। छत पर अवैध माल परिवहन और बस की तय ऊंचाई के मानकों की जांच। रात्रि में वाहन चलाने वाले ड्राइवरों का नशे की स्थिति जांची जा रही है।
राजस्थान व भीलवाड़ा में पूर्व में भी हुए हादसे
भीलवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में पूर्व में भी स्लीपर बसों की लापरवाही के कारण गंभीर हादसे  हुए। इनमें 28 अक्टूबर 2020 को भीलवाड़ा-चित्तौडग़ढ़ मार्ग पर एक स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलट गई थी, जिसके बाद तकनीकी खराबी से धुआं उठने लगा था। 12 अक्टूबर 2021 को जैसलमेर-जोधपुर मार्ग पर स्लीपर बस और ट्रक की भिड़ंत के बाद लगी आग में कई यात्री झुलस गए थे। सितंबर 2023 में भीलवाड़ा बाईपास पर चलती प्राइवेट बस में शॉर्ट सर्किट से धुआँ भरने के कारण यात्रियों में भगदड़ मच गई थी। प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य के अनुसार, यह जांच अभियान किसी एक घटना के बाद का कदम नहीं है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भीलवाड़ा में यह नियमित प्रक्रिया के तहत पहले से ही जारी है और आगे भी सख्ती से चलाया जाएगा।

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