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भीलवाड़ा

कोतवाली में पार्षदों का प्रदर्शन: निर्दोष कार्यकर्ताओं पर फर्जी केस का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

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लोकजीवन संवाददाता

24 सितम्बर 2026, 02:07 PM 2 मिनट में पढ़ें

कोतवाली में पार्षदों का प्रदर्शन: निर्दोष कार्यकर्ताओं पर फर्जी केस का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

भीलवाड़ा लोकजीवन।   नगर निगम चुनाव संपन्न होने के बाद वार्ड नंबर 43 में हुए एक प्रकरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के नव-निर्वाचित पार्षद बनवारी लाल जोशी के नेतृत्व में स्थानीय निवासियों और कार्यकर्ताओं ने कोतवाली थाने पहुंचकर पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के जरिए पुलिस पर दर्ज मुकदमे में निर्दोष लोगों के नाम शामिल करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। चुनावी रंजिश और गैर-मौजूद लोगों का नाम शामिल करने का आरोप कोतवाली के बाहर मीडियाकर्मियों से वार्ता करते हुए पार्षद बनवारी लाल जोशी ने बताया कि हाल ही में संपन्न हुए नगर निगम चुनाव में उन्हें भाजपा ने वार्ड नंबर 43 से प्रत्याशी बनाया था, जबकि विपक्ष में कैलाश शर्मा की पत्नी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में थीं। चुनाव प्रक्रिया बिना किसी विवाद के शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। जोशी ने स्पष्ट किया कि 9 तारीख से 22 तारीख तक वे पार्टी के आधिकारिक कार्यक्रमों के सिलसिले में शहर से बाहर थे। इसी दौरान वार्ड में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम घटित हुआ, जिसको लेक

र कोतवाली थाने में मुकदमा नंबर 280/26 दर्ज किया गया है। आरोप है कि इस मुकदमे में रंजिशवश अरिहंत खंडेलवाल, सुरेश शर्मा,  मनीष दाधीच, महावीर बैश्रवा, लखन शर्मा सहित कई ऐसे कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के नाम दर्ज करवा दिए गए हैं, जो घटना के समय मौके पर मौजूद ही नहीं थे। पार्षद बनवारी लाल जोशी और प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन एवं उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए, परंतु जो लोग निर्दोष हैं और घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे, जांच प्रक्रिया के बाद एफआईआर से उनके नाम तुरंत हटाए जाएं।

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