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हादसे में आरएसी हेड कांस्टेबल की मौत, राजीनामे से मिला 1.05 करोड़ का अवॉर्ड
By Lokjeewan Daily - 30-09-2026

- बाइक से उदयपुर जाते समय 6 साल पहले हुआ था हादसा
- लोक अदालत में राजीनामे से पहली बार मिली बड़ी राशि
भीलवाड़ा लोकजीवन। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी-2) कोर्ट के न्यायाधीश नवीनकुमार चौधरी की पहल पर सडक़ हादसे में जान गंवाने वाले आरएसी हेड कांस्टेबल के पीडि़त परिवार को अवॉर्ड के रूप में 1 करोड़ 5 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि मिली है। न्यायाधीश की काउंसलिंग के बाद प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत से पहले ही राजीनामे के आधार पर रहेजा क्यूबीई इंश्योरेंस कंपनी ने ये क्षतिपूर्ति राशि देने पर सहमति जताई है। माना जा रहा है कि भीलवाड़ा में पहली बार प्री-काउंसलिंग के आधार पर राजीनामे से इतनी बड़ी राशि पीडि़त को मिली है। मामले के अनुसार जिले की करेड़ा तहसील के फाकोलिया हाल बापूनगर भीलवाड़ा निवासी योगेन्द्रकुमार शर्मा (38) राजस्थान आम्र्ड कांस्टेबुलरी (आरएसी) में हेड कांस्टेबल के रूप में पदस्थापित थे। 25 मई 2019 को सुबह करीब 6 बजे वे बाइक पर बीमार मां से मिलने उदयपुर जा रहे थे। इस दौरान राजसमंद जिले के दिवेर थाना क्षेत्र के मादा की बस्सी के पास एक ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में गंभीर चोटें आने के कारण हेड कांस्टेबल योगेन्द्रकुमार शर्मा की मौत हो गई थी। हादसे के बाद मृतक की पत्नी विनीतादेवी, नाबालिग पुत्री, पुत्र एवं माता-पिता की ओर से अधिकरण के समक्ष क्लेम याचिका दायर की गई थी। प्रार्थी पक्ष की ओर से पैरवी उन्हीं के गांव के एडवोकेट पुष्पेंद्र सिंह चुंडावतने की, जबकि विपक्षी पक्ष की ओर से पैरवी एडवोकेट सत्यनारायण, शिवकुमार जोशी ने की। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनीं। इधर, आगामी 10 अक्टूबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत से पहले इंश्योरेंस कंपनी और पीडि़त परिवार के बीच आपसी समझाइश और राजीनामे के आधार पर मृतक हेड कांस्टेबल के आश्रितों को 1.05 करोड़ रुपए का क्लेम अवॉर्ड दिलाने पर सहमति बनी। हादसे के समय हेड कांस्टेबल शर्मा का मासिक वेतन 50,197 रुपए था।
लोक अदालत से पहले 9.62 करोड़ के अवॉर्ड पारित
अदालत में आगामी 10 अक्टूबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत से पहले ही आपसी समझाइश और राजीनामे के आधार पर कुल 162 दुर्घटना क्लेम प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इसमें कुल 9 करोड़ 62 लाख रुपए के क्लेम अवॉर्ड पारित किए गए। इनमें सबसे बड़ा क्लेम अवॉर्ड 1 करोड़ 5 लाख रुपए का था। 162 प्रकरणों में 20 लाख रुपए तक के कई अहम अवॉर्ड शामिल रहे, जिससे लंबे समय से लंबित मामलों में पीड़ित परिवारों को त्वरित राहत मिली। बताया गया कि एमएसीटी कोर्ट के पीठासीन अधिकारी नवीनकुमार चौधरी की पहल पर पहले भी सडक़ दुर्घटना में पीड़ित परिवार को 70 लाख रुपए का अवॉर्ड पारित कर राहत दिलाई गई थी।

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