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डिप्टी सीएम से न्याय मांगने गए तो धक्के मार भगाया, मासूमों का नहीं हो पाया पोस्टमार्टम
By Lokjeewan Daily - 07-10-2026

- कोठारी नदी में मिले थे दोनों लापता बच्चों के शव
- एमजीएच मोर्चरी के सर्वसमाज का धरना- प्रदर्शन जारी
भीलवाड़ा लोकजीवन।  रविवार से लापता दो मासूम चिराग बुझ चुके थे, पर उनकी मौत के बाद सिस्टम की संवेदनहीनता ने पूरे शहर के सीने में आक्रोश की आग सुलगा दी है। कलकीपुरा के दिव्यांशु सोनी और रजत जाट के शव मंगलवार शाम कोठारी नदी के पास संदिग्ध हालात में मिले। इसके बाद से महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी छावनी बन चुकी है।  दूसरे दिन दोपहर ढलने के बावजूद दोनों मासूमों के शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो सका है। परिजनों और सर्वसमाज ने साफ कह दिया है—जब तक इंसाफ की चौखट पर हिसाब नहीं होगा, तब तक न चीरफाड़ होगी, न कफन उठेगा।
उपमुख्यमंत्री के दर पर गुहार, बदले में मिला धक्के और बदजुबानी का पहरा
मामले में सबसे सनसनीखेज मोड़ तब आया, जब शहर के अग्रवाल उत्सव भवन में पहुंचे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा से गुहार लगाने पहुंचे पीडि़त पक्ष को अपमानित कर बाहर खदेड़ दिया गया। सामाजिक कार्यकर्ता रितेश गुर्जर आरोप है कि परिजनों और समाज के पांच सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल जब फरियाद लेकर पहुंचा, तो उन्हें वहां से धक्के देकर बाहर निकाल दिया गया। गुर्जर का कहना था कि  हम कोई गैंगस्टर, नक्सली या आतंकवादी नहीं हैं। हम तो सिर्फ अपने बेकसूर मृत बच्चों के लिए न्याय की भीख मांगने पहुंचे थे। यदि दो पल डिप्टी सीएम बात सुन लेते तो बिलखते मां-बाप को सांत्वना मिल जाती। मगर हमारे साथ बदसलूकी कर धक्का देकर निकाल दिया गया।
मुआवजे में फाइल-बाजी’ का खेल, एक ही मौत, दो कानून क्यों?
धरनास्थल पर प्रशासनिक रवैये ने आग में घी डालने का काम किया है। आरोप है कि प्रशासन मुआवजे की फाइल में कागजी पेंच फंसाकर दोहरा मापदंड अपना रहा है। अधिकारियों का तर्क है कि एक बच्चे के परिवार को कागजात दुरुस्त होने पर मुआवजा मिलेगा, जबकि दूसरे को दस्तावेजों की कमी बताकर दरकिनार किया जा रहा है। सर्वसमाज ने दो-टूक कहा है कि जब दोनों बच्चे एक ही हादसे, एक ही वक्त और एक जैसी परिस्थितियों में काल के गाल में समाए, तो राहत में यह कागजी पक्षपात बर्दाश्त नहीं होगा।
पुलिस की सुस्ती पर उठी उंगली, चार मुख्य मांगों पर अड़ा समाज
मोर्चरी के बाहर जाट, सिंधी और सर्वसमाज के लोग डटे हुए हैं। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद हाथ पर हाथ धरे बैठने वाले पुलिसकर्मियों पर तत्काल निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई हो। दोनों पीड़ित परिवारों को बिना किसी कागजी अड़ंगे के एक समान आर्थिक मुआवजा जारी किया जाए। मौत के हर रहस्य से पर्दा उठाने के लिए निष्पक्ष जांच बैठाई जाए। डिप्टी सीएम के कार्यक्रम में परिजनों को धकियाने वाले सुरक्षाकर्मियों व पीए पर कानूनी शिकंजा कसा जाए।
शहर से प्रदेश तक चक्का जाम की चेतावनी
अस्पताल परिसर में पुलिस और प्रशासनिक अमला लगातार समझाइश की कोशिशों में जुटा है, लेकिन इंसाफ के इंतजार में बैठे परिजन टस से मस होने को तैयार नहीं हैं। सर्वसमाज ने दो-टूक चेतावनी दी है कि यदि संवेदनहीनता जारी रही, तो आंदोलन अस्पताल परिसर से निकलकर सडक़ों पर उतरेगा। पहले भीलवाड़ा बंद और फिर जरूरत पड़ी तो पूरे राजस्थान का चक्का जाम कर दिया जाएगा।

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