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मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला: सीनियर और जूनियर छात्रों के साथ की समझााइश, दी चेतावनी
By Lokjeewan Daily - 17-10-2026

- एनएमसी की सख्ती के बाद हुई आपात बैठक  
- सुभाषनगर एसएचओ ने भी छात्रों को समझाया
भीलवाड़ा लोकजीवन।  राजमाता विजयाराजे सिंधिया राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष  के विद्यार्थियों के साथ सीनियर छात्रों द्वारा की ओर से की जा रही गंभीर रैगिंग, प्रताडऩा और मानसिक उत्पीडऩ का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर गरमा गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के कड़ा रुख अपनाए जाने पर शनिवार को  मेडिकल कॉलेज  में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस प्रशासन और कॉलेज के अधिकारियों ने मिलकर सख्त कदम उठाए हैं। जानकारी के अनुसार  बैठक में कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. पूजा गंगराड़े, एंटी-रैगिंग कमेटी के कन्वीनर डॉ. अनुपम बंसल, सदस्य, वार्डन, विजिलेंस स्क्वाड के सदस्य और सुभाषनगर थाने के प्रभारी कैलाश विश्रोई विशेष रूप से मौजूद रहे। सुभाषनगर थाना प्रभारी ने बैठक के दौरान करीब 15 मिनट तक जूनियर और सीनियर दोनों बैच के छात्रों को विस्तार से समझाया और चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि किसी भी छात्र द्वारा रैगिंग ली गई या दी गई, या ऐसा कोई मामला सामने आया, तो संबंधित छात्र पर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। थानाप्रभारी ने जूनियर छात्रों का डर दूर करने और उन्हें सुरक्षित माहौल देने के लिए अधिकारियों ने उन्हें खुलकर अपनी बात रखने और किसी भी दबाव में न आने की सलाह दी है, जबकि सीनियर छात्रों को कड़ी चेतावनी दी गई है।
यह था पूरा मामला और एनएमसी की कार्रवाई
दरअसल, 15 अक्टूबर 2026 को द्वितीय वर्ष के सीनियर छात्रों द्वारा प्रथम वर्ष के एक छात्र को फोन पर बाल कटवाने की धमकी दी गई थी और कॉलेज परिसर में उसका हाथ पकडक़र डराया गया था। इसके बाद ऑक्सटेल हॉस्टल के बाहर सीनियर छात्रों की भीड़ ने पीड़ित छात्र और उसके परिजनों के साथ भी बदसलूकी और हंगामा किया था।
जबरन मैदान में रुकवाने का दबाव
जूनियर छात्रों ने खुलासा किया है कि उन्हें शाम और देर रात तक खेल के मैदान और हॉस्टल में जबरन रोककर प्रताड़ित किया जाता है। परीक्षा में फेल करने और बैक लगवाने की धमकियों से छात्र खौफ में हैं।
एनएमसी का शिकंजा
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के एंटी-रैगिंग सेल ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए कॉलेज प्रशासन से 24 घंटे के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट  और पिछले छह महीनों की बैठकों के रिकॉर्ड तलब किए हैं। साथ ही, 15 अक्टूबर दोपहर 3 बजे के बाद के सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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