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शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान: रिपोर्ट आने से पहले मिठाई पेट में
By Lokjeewan Daily - 21-11-2025

भीलवाड़ा। दीपावली के त्योहार पर आप और आपके परिवार ने जिस मिठाई को बड़े चाव से खाया, अब उसकी सरकारी जांच रिपोर्ट आई है और यह रिपोर्ट आपकी सेहत पर खतरे की घंटी बजा रही है।  भीलवाड़ा शहर सहित पूरे जिले में दीपावली से पहले शुद्ध आहार-मिलावट पर वार अभियान चलाकर जो खाने-पीने की चीजों के सैंपल लिए गए थे, उनकी जांच रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामकेश गुर्जर ने जारी कर दी है। लेकिन, यहां एक बड़ा ट्विस्ट है ये रिपोर्ट तब आई है, जब मिठाइयां खत्म हो चुकी हैं और लोगों के पेट में पहुंच चुकी हैं। विभाग ने कुल 41 खाद्य वस्तुओं के सैंपल लिए थे, जिनकी रिपोर्ट अब मिली है। अच्छे सैंपल (मानक) सिर्फ 26 सैंपल ही ऐसे निकले, जो तय नियमों के हिसाब से बिल्कुल ठीक थे और खाने के लिए मानक माने गए। खराब सैंपल (अमानक) बाकी 15 सैंपल फेल हो गए! यानी, इनमें किसी न किसी तरह की गड़बड़ी मिली है। इन 15 खराब सैंपलों को तीन मुख्य कैटेगरी में बांटा गया है, और यहीं पर सबसे बड़ी चिंता सामने आती है।  सब स्टैन्डर्ड  निम्न क्वालिटी में ऐसे 11 सैंपल मिले हैं। इसका मतलब है कि ये चीजें खाने लायक तो थीं, लेकिन इनकी क्वालिटी बहुत घटिया थी। जैसे घी में मिलावट, दूध या मावे में पानी की मात्रा ज्यादा, या तय मानक से कम फैट। सीधे शब्दों में कहें तो, पैसे पूरे दिए लेकिन सामान घटिया मिला। मिसब्रांड - इस कैटेगरी का कोई सैंपल नहीं मिला है। अनसेफ मतलब खाने के लिए असुरक्षित जहर के समान सबसे खतरनाक, ऐसे 4 सैंपल पाए गए हैं। इसका सीधा मतलब है कि इनमें ऐसी खतरनाक मिलावट है जो इंसान के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। ये सैंपल पूरी तरह से खाने के लिए असुरक्षित हैं । सीधे शब्दों में कहें तो, ये चीजें जहर के समान थीं! 
जनता का बड़ा सवाल, मिठाई पेट में, रिपोर्ट अब!
प्रशासन ने अभियान तो सही समय पर चलाया, लेकिन जांच रिपोर्ट आने में इतनी देर क्यों हुई? त्योहार पर मिलावटखोरों ने धड़ल्ले से माल बेचा। आम लोगों ने इन मिठाइयों को शुद्ध समझकर खाया-खिलाया। अब जब मिठाई खाने का काम पूरा हो चुका है, तब जाकर विभाग बता रहा है कि 4 मिठाइयां तो जहर' थीं और 11 घटिया। यह रिपोर्ट उस समय सामने आई है, जब मिलावट का सारा खेल खत्म हो चुका है। इससे मिलावटखोरों पर कोई डर नहीं बनता, क्योंकि उन्हें पता है कि उनकी गिरफ्तारी या उन पर कार्रवाई होने तक उनका करोड़ों का मिलावटी माल बिक चुका होगा। विभाग की इस धीमी रफ्तार का सीधा खामियाजा भीलवाड़ा की आम जनता को भुगतना पड़ा है, जिसने अनजाने में मिलावटी और असुरक्षित मिठाई खाई है। सीएमएचओ डॉ. रामकेश गुर्जर ने बताया है कि जो 15 सैंपल फेल हुए हैं, उनके मालिकों के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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